क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के ग़लत नक्शे को दिखाने की कोई प्रतियोगिता चल रही है या भारत के नक्शे को विदेशियों ने सच में ही बिना सिर वाले धड़ के... Read more »
अब्राहम लिंकन साहब ख़ामख़्वाह ही डेमोक्रेसी के लिए कह गए…of the people, by the people, for the people…लिंकन महोदय आज ज़िंदा होते तो शुक्र कर रहे होते कि वो उस देश में... Read more »
अम्मा के भक्त भावविभोर हैं। करीब दो दशक तक बेचारी अम्मा को नाहक परेशान किया गया। कर्नाटक हाईकोर्ट के जज को 10 सेकंड नहीं लगे अम्मा को ‘दोषी नहीं’ क़रार देने में।... Read more »
पिछले तीन दिन से सलमान सुनामी ने पूरे देश को हिला रखा है। रिपोर्टिंग करते वक्त मीडिया का व्यवहार ऐसा रहा, जैसे चीन युद्ध से भी बड़ा संकट देश पर आ गया... Read more »
मेरे एक मित्र हैं। पत्रकार रह चुके हैं। अब राजनीति में हैं। देश के एक बड़े राजनेता की कोर टीम से जुड़े हैं। मुझे खुशी है कि राजनीति में होते हुए भी... Read more »
आपने बूबी ट्रैप के बारे में सुना होगा? किस तरह उसमें दुश्मन को फंसाया जाता है। चलिए वो भी छोड़िए। आपने घर में चूहे का पिंजरा तो ज़रूर देखा होगा। कैसे रोटी... Read more »
हमने बचपन में सफ़ेद क्रिकेट देखी है, खेली है। अब क्रिकेट रंगीन है। इसलिए इसकी हर बात रंगीन है। पहले रेडियो पर क्रिकेट को सुना जाता था। आज टीवी पर क्रिकेट को देखा... Read more »
ख़बरों की दुनिया में रहता हूं। जिस तरह टीवी की दुनिया में टीआरपी और अख़बार की दुनिया में सर्कुलेशन के आंकड़े महत्व रखते हैं उसी तरह आज डिजिटल मीडिया या न्यू मीडिया... Read more »
(2 मार्च 2015 को गुड़गांव में गूगल के ऑफिस में हैंगआउट)… दोस्तों, करीब तीन महीने के अंतराल के बाद कोई पोस्ट लिख रहा हूं…क्षमाप्रार्थी हूं, अपनी व्यस्तताओं की वजह से नियमित ब्लॉगिंग... Read more »
मूलत: प्रकाशित- ‘नवभारत टाइम्स’ 19 नवंबर 2014 ‘आपने सुना कंट्री में क्लीनलीनेस के लिए ब्रैंड अंबेसडर बनाए जा रहे हैं। हमको भी इस कॉज के लिए कंट्रीब्यूशन देना चाहिए। पीएम का कॉल... Read more »