योग अब योगा हो गया है। योग जो कभी ऋषि-मुनियों तक सीमित था। अब मैंगो मैन (आम आदमी) की पहुंच में आ गया है। ये बात अलग है कि लालू प्रसाद कहते... Read more »
Early to bed, early to rise, work like hell and advertise… (जल्दी सोओ, जल्दी उठो, जहन्नुम की तरह काम करो और प्रचार करो…) अब ये चाहे Laurence J. Peter... Read more »
राजदीप सरदेसाई। वो पत्रकार जो किसी परिचय के मोहताज नहीं है। सुधीर एस रावल। वो पत्रकार जिनके नाम से गुजरात में हर कोई वाकिफ़ है। राजदीप को मैं पत्रकारिता के नाते ही... Read more »
तानाशाही का एक मिज़ाज होता है। तानाशाह के सवाल पूछने पर या डांटने पर चुप रहने की ही रिवायत होती है। इसके ख़िलाफ़ जाकर कोई जवाब देने की हिमाकत कर देता है... Read more »
ब्लॉगिंग में मेरे छह साल पूरे होने को आ गए हैं। सोशल मीडिया के कई मंचों को आज़माने के बाद मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि खुद को व्यक्त करने... Read more »
दोस्तों, मैं धर्म पर कुछ कहने से अक्सर बचता हूं। मेरा मानना है कि इस दुनिया में सिर्फ़ दो तरह के इनसान होते हैं- अच्छे और बुरे। और ये दोनों तरह के... Read more »
एक ख़बर पढ़ कर मन व्यथित है। ताज्जुब भी है कि इस ख़बर पर अधिक लोगों का ध्यान क्यों नहीं गया। ख़बर भारतीय सेना में शामिल प्रशिक्षित कुत्तो के बारे में... Read more »
अनार एक, बीमार अनेक। कुछ यही कहा जा सकता है दिल्ली यूनिवर्सिटी के अच्छे कॉलेजों में दाखिले के लिए। कट-ऑफ लिस्ट, पर्सन्टेज़, ऑनलाइन फार्म, ओरिएन्टेशन प्रोग्राम, सब्जेक्ट का चुनाव। ये बातें बच्चों... Read more »
दुख भरे दिन बीते रे भईया… अब सुख आयो रे… रंग जीवन में नया छायो रे… एक साल पहले देशवासियों के अच्छे दिन आ गए थे…मोदी जी आ गए थे…क्या कहा…अभी नहीं... Read more »
कुमार राज (या राजेश चौरसिया)…शायद आज आपने इस बच्चे के प्रखर विचारों को मीडिया के ज़रिए जाना होगा। पटना में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ये बच्चा देश की शिक्षा व्यवस्था पर... Read more »