क्रिएटिवटी कहीं भी मिल सकती है…लेकिन एडवरटाइज़िंग का तो पेशा ही क्रिएटिविटी का होता है…ये बेहतरीन कॉपीराइटिंग या विजुअल्स का ही नतीजा होता है कि हम किसी अनजान ब्रैंड को भी घर की शोभा बना लेते हैं…यही वजह है कि हर कन्ज्युमर ब्रैंड के बजट का निश्चित हिस्सा एडवरटाइज़िंग पर खर्च होता है…नीचे एक मोबाइल नेटवर्क के एड-कैम्पेन की कुछ झलकियां हैं…आप फोन नहीं बस हाथों से की गई कलाकारी को देखिए…
स्लॉग ओवर
मक्खन गुल्ली से…तुम्हारा रिज़ल्ट क्या रहा…
गुल्ली…पांच सबजेक्ट में फेल हो गया…
मक्खन…आज से मुझे अपना डैड मत कहना…
गुल्ली…कम ऑन डैड, मैंने अपना स्कूल रिज़ल्ट बताया है, डीएनए टेस्ट का रिज़ल्ट नहीं…
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