नंगा सच नहीं सजा-संवरा झूठ पसंद…खुशदीप

दो जुड़वा भाई शहर के बाहर एक नदी के
किनारे खड़े थे…

एक का नाम था सचऔर दूसरे का
झूठ’…


फोटो आभार- फेसबुक पेज TruthandLiesComedy


झूठ ने सच को नदी में तैरने का चैलेंज
दिया…साथ ही कहा कि वो सच से पहले तैर कर नदी के दूसरे किनारे को छू कर वापस आ
जाएगा…

फिर झूठ ने ही इस खेल के नियम बताए…इसके
मुताबिक दोनों को अपने सारे कपड़े उतार कर तीन तक गिनती के बाद बर्फीले पानी में
कूद जाना होगा…

फिर झूठ ने गिनती शुरू
की….1…2…3…

झूठ के कहते ही सच पानी में कूद
गया…लेकिन झूठ वहीं खड़ा रहा…

सच तैरते हुए नदी का दूसरा किनारा छू कर
जल्दी से वापस आने में लग गया…

इस बीच झूठ ने सच के कपड़े पहने और शहर
में वापस आ गया…सच बन कर ही वो गर्व से सब लोगों के साथ मिलता रहा…

सच नदी का दूसरा किनारा छू कर वापस आया
तो वहां उसे अपना कोई कपड़ा नहीं मिला…झूठ भी नहीं था लेकिन उसके कपड़े वहां
पड़े थे…सच ने झूठ के कपड़े पहनना मंज़ूर नहीं किया…वो निर्वस्त्र ही शहर की
ओर वापस चल दिया…

लोगों ने सच को इस अवस्था में देखा तो
मुंह फेरना शुरू कर दिया…सच ने लोगों को अपनी असल पहचान के बारे में बहुत समझाने
की कोशिश की…लेकिन वो निर्वस्त्र था, लोग उसकी तरफ देखने में असहज महसूस कर रहे
थे…लोग या उसका मखौल उड़ाते या पास से भगा देते…कोई मानने को तैयार नहीं हुआ
कि वही सच है…

लोग झूठ को ही सच मानने लगे क्योंकि उसने
टिप-टॉप कपड़े पहने हुए थे और उसकी तरफ देखना आसान था…

वो दिन है और आज का दिन…लोगों ने नंगे
सच की जगह सजे-संवरे झूठ पर विश्वास करना शुरू कर दिया…

(Parker Simpson के लेख The Story of Truth & Lie के एक अंश का अनुवाद) 

#हिन्दी_ब्लॉगिंग    

 

 

Khushdeep Sehgal
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डॉ. जेन्नी शबनम

यही आज का सत्य है।

सुशील कुमार जोशी

सच ही सबसे बड़ा झूठ है।

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