ममता दी को जिस तरह बात-बात पर गुस्सा आता है, उस पर चुटकी ली जा रही है कि कहीं उनकी छवि राजनीति में वही तो नही बनती जा रही जैसी कि... Read more »
हे भगवन, ……………………………………………………………… ……………………………………………………………… ………………………………………………………………. सुना है आप बड़े दयालु हैं…लेकिन आप एक काम सही नहीं कर रहे..पिछले एक साल में आपने कई ऐसे लोगों को अपने पास बुला लिया, जिन्हें मैं बड़ा पसंद करता था…मसलन….मेरे पसंदीदा गायक…भूपेन हज़ारिका…मेरे पसंदीदा अभिनेता…देव आनंद, शम्मी कपूर, जाय मुखर्जी…मेरे पसंदीदा गज़ल गायक…जगजीत सिंह…मेरे पसंदीदा क्रिकेटर….मंसूर अली ख़ान पटौदी…मेरे पसंदीदा शास्त्रीय गायक…पंडित भीमसेन जोशी…मेरे पसंदीदा संगीत निर्देशक…रवि…मेरे पसंदीदा पेंटर…एम एफ हुसैन …भगवन वैसे तो आप हर एक के दिल की बात जानते ही हैं…फिर भी आपको बता देता हूं कि मैं भारत के बहुत सारे नेताओं को भी बहुत-बहुत पसंद करता हूं…नाम तो आप सब का जानते ही हैं….आपका आज्ञाकारी एक भक्त Share on FacebookPost on X Read more »
राहुल द्रविड़ ने आखिर बल्ला खूंटी पर टांग ही दिया…ये राहुल की खुशकिस्मती है या दुर्भाग्य कि वो सचिन तेंदुलकर के समकालीन रहे हैं…उन्हें हमेशा सचिन की छाया में ही रहना पड़ा…तकनीकी रूप से करेक्ट राहुल जैसा और कोई बैट्समैन भारत में नहीं हुआ, ऐसा मेरा मानना है…हमेशा विवादों से दूर और सौम्यता-शालीनता की प्रतिमूर्ति राहुल भी चाहते तो अनिल कुंबले और सौरव गांगुली की तरह ही मैदान से ही विदाई ले सकते थे…लेकिन द्रविड़ ने दिखाया कि वो क्यों सबसे अलग हैं…उन्होंने कप्तान धोनी की युवाओं को मौका देने की चाहत को समझा और फैसला कर लिया…क्या ऐसा करते वक्त राहुल किसी दबाव में थे…अब इसी पर चिंतन-मनन चलेगा.. इस लिंक पर देखिए द्रविड़ की मनोस्थिति पर एक रिपोर्ट…ये उनकी प्रेस कांफ्रेंस से एक दिन पहले की है…इस रिपोर्ट में आवाज़ मेरी है… अब राहुल को समर्पित एक गीत- अलविदा राहुल, अलविदा जेम्मी… Share on FacebookPost on X Read more »
अलविदा रवि साहब जन्म-3 मार्च 1926 (दिल्ली)निधन-7... Read more »
यूपी में माया गईं…मुलायम आ गए…राहुल गांधी आस्तीनें ही चढ़ाते रह गए…बीजेपी को न सत्ता मिली, न राम…आखिर साइकिल इतनी रफ्तार से क्यों दौड़ी…हाथी चारों खाने चित…हाथ खाली…कमल मुरझाया का मुरझाया…इस चुनाव... Read more »
सांध्यकाल से जुड़ी पोस्ट की आखिरी कड़ी शुक्रवार को ही लिखनी थी…लेकिन शनिवार को ‘नूरा कुश्ती’ में उलझ गया…लीजिए बुज़ुर्गियत की वो कुछ गुदगुदाती बातें, जिनसे हमें भी कभी न कभी पेश... Read more »
वर्ल्ड रेसलिंग इंटरटेंमेंट (WWE) की कुश्तियां देखने में बड़ी रोमांचकारी होती हैं…एक से एक तगड़ा पहलवान…ऐसे खूंखार कि किसी को भी लमलेट कर देने के लिए सिर पर ख़ून सवार…इनकी मारकाट देखकर... Read more »
अच्छा लगा ये जानकर संध्याकाल के प्रति ब्लॉगजगत सचेत है…कल अपनी पोस्ट देखो ! तुम भूल जाओगे (1) पर डॉ टी एस दराल सर और शिखा वार्ष्णेय की टिप्पणियां खास तौर पर... Read more »
जीवन के संध्याकाल में सभी को जाना है…ये शाश्वत सत्य है, लेकिन रोज़ की भागदौड़ मे शायद ही हमें ये याद रहता है…सुनने, सोचने, समझने की आज जो हमारे पास शक्ति है,... Read more »
नया रोज़गार ढूंढ लिया है मैंने वन डे वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया आस्ट्रेलिया में ट्राई सीरीज़ से करीब करीब बाहर हो चुकी है…श्रीलंका से मैच चल रहा है, अभी तक इसमें भी धोनी एंड कंपनी का रवैया... Read more »