बेटा Chatting ही नहीं Setting भी करता है..खुशदीप

तुलसी की जगह Money Plant ने ले ली,​ ​चाची जी की जगह Aunt ने ले ली…​​ पिताजी जीते-जी Dad हो गए,​​आगे और भी है, आप तो अभी से Glad हो गए…​​  जीती-जागती मां बच्चों के लिए Mummy हो गई,​10 रुपए की Maggi जो इतनी Yummy हो गई…​ भाई Bro हो गए, बहन Sis हो गई,​​दादा-दादी की हालत तो टाएं-टाएं Fiss  हो गई…​ दिन भर बेटा Chatting ही नहीं करता​ ​रात में मोबाइल पर Setting भी करता है… बड़ी बुरी दशा Nurse के Mister की हो गई,​ ​बेचारे की तो बीवी भी Sister हो गई…​​... Read more »

मिसेज सचिन की आ गई SAU-TON…खुशदीप ​

शुक्रवार को सचिन तेंदुलकर के इंटरनेशनल करियर का महाशतक  लगते ही टविटर पर बधाई संदेशों की बाढ़ लग गई..क्रिकेट देश में कितना रचा-बसा है, इसका अंदाज़ इसी से लग जाता है कि बजट जैसा... Read more »

ममता बनर्जी राजनीति की ‘डॉली बिंद्रा’?…​खुशदीप

​ ममता दी को जिस तरह बात-बात पर गुस्सा आता है, उस पर चुटकी ली जा रही है कि कहीं उनकी छवि राजनीति में वही तो नही बनती जा रही जैसी कि... Read more »

एक भक्त की मस्त अर्ज़ी भगवन के नाम…खुशदीप​

हे भगवन,​ ……………………………………………………………… ……………………………………………………………… ………………………………………………………………. ​​ सुना है आप बड़े दयालु हैं…लेकिन  आप एक काम सही नहीं कर रहे..पिछले एक साल में आपने कई ऐसे लोगों को अपने पास बुला लिया, जिन्हें मैं बड़ा पसंद करता था…​​​मसलन….​​​मेरे पसंदीदा गायक…भूपेन हज़ारिका​…​​​मेरे पसंदीदा अभिनेता…देव आनंद​, शम्मी कपूर​, जाय मुखर्जी…​​​मेरे पसंदीदा गज़ल गायक…जगजीत सिंह​…​​​मेरे पसंदीदा क्रिकेटर….मंसूर अली ख़ान पटौदी​…​​​मेरे पसंदीदा शास्त्रीय गायक…पंडित भीमसेन जोशी​​…​​​मेरे पसंदीदा संगीत निर्देशक…रवि​​​…​​​मेरे पसंदीदा पेंटर…एम एफ हुसैन ​…​​​भगवन वैसे तो आप हर एक के दिल की बात जानते ही हैं…फिर भी आपको बता देता हूं कि मैं भारत के बहुत सारे नेताओं को भी बहुत-बहुत पसंद करता ​हूं…​​नाम तो आप सब का जानते ही हैं….​​​आपका आज्ञाकारी ​​​​एक भक्त​​​​ ​ ​​ Share on FacebookPost on X Read more »

द्रविड़ के फैसले के पीछे कौन ?…खुशदीप

राहुल द्रविड़ ने आखिर बल्ला खूंटी पर टांग ही दिया…ये राहुल की खुशकिस्मती है या दुर्भाग्य कि वो सचिन तेंदुलकर के समकालीन रहे हैं…उन्हें हमेशा सचिन की छाया में ही रहना पड़ा…तकनीकी रूप से करेक्ट राहुल जैसा और कोई बैट्समैन भारत में नहीं हुआ, ऐसा मेरा मानना है…हमेशा विवादों से दूर और सौम्यता-शालीनता की प्रतिमूर्ति राहुल भी चाहते तो अनिल कुंबले और सौरव गांगुली की तरह ही मैदान से ही विदाई ले सकते थे…लेकिन द्रविड़ ने दिखाया कि वो क्यों सबसे अलग हैं…उन्होंने कप्तान धोनी की युवाओं को मौका देने की चाहत को समझा और फैसला कर लिया…क्या ऐसा करते वक्त राहुल किसी दबाव में थे…अब इसी पर चिंतन-मनन चलेगा..​ ​​​इस लिंक पर देखिए द्रविड़ की मनोस्थिति पर एक रिपोर्ट…ये उनकी प्रेस कांफ्रेंस से एक दिन पहले की है…इस रिपोर्ट में आवाज़ मेरी है… अब राहुल को समर्पित एक गीत- अलविदा राहुल, अलविदा जेम्मी… Share on FacebookPost on X Read more »

‘नीले गगन के तले’ वाले रवि नहीं रहे..खुशदीप​

​                                                           अलविदा रवि साहब​ जन्म-3 मार्च 1926 (दिल्ली)​​निधन-7... Read more »

​​ ​समाजवाद तो धीरे-धीरे आई बबुआ…खुशदीप

यूपी में माया गईं…मुलायम आ गए…राहुल गांधी आस्तीनें ही चढ़ाते रह गए…बीजेपी को न सत्ता मिली, न राम…आखिर साइकिल इतनी रफ्तार से क्यों दौड़ी…हाथी चारों खाने चित…हाथ खाली…कमल मुरझाया का मुरझाया…इस चुनाव... Read more »

बुज़ुर्गियत की मुस्कान…खुशदीप​ ​​

सांध्यकाल से जुड़ी पोस्ट की आखिरी कड़ी ​शुक्रवार को ही लिखनी थी…लेकिन शनिवार को ‘नूरा कुश्ती’ में उलझ गया…लीजिए बुज़ुर्गियत की वो कुछ गुदगुदाती बातें, जिनसे हमें भी कभी न कभी पेश... Read more »

होली पर ब्लॉगिंग की ‘नूरा कुश्ती’…खुशदीप

वर्ल्ड रेसलिंग इंटरटेंमेंट (WWE) की कुश्तियां देखने में बड़ी रोमांचकारी होती हैं…एक से एक तगड़ा पहलवान…ऐसे खूंखार कि किसी को भी लमलेट कर देने के लिए सिर पर ख़ून सवार…इनकी मारकाट देखकर... Read more »

बजेगा इश्क-इश्क, सुनाई देगा किश्न-किश्न…खुशदीप

अच्छा लगा ये जानकर संध्याकाल के प्रति ब्लॉगजगत सचेत है…कल अपनी पोस्ट देखो ! तुम भूल जाओगे (1) पर डॉ टी एस दराल सर और शिखा वार्ष्णेय की टिप्पणियां खास तौर पर... Read more »