पहले कल वाले एक रुपया का पेंच सुलझा लिया जाए और फिर स्लॉग ओवर में दो रामबाण नुस्खे…संगीता पुरी जी, राजीव तनेजा भाई, उन्मुक्त जी, राज भाटिया जी और जी के अवधिया... Read more »
अनिल पुसदकर भाई जी को उनकी लाडली भतीजी युति वक्त-वक्त पर अपने सवालों से लाजवाब करती रहती है…ऐसा ही कुछ 10 साल की मेरी बिटिया पूजन ने मेरे साथ किया है…स्कूल से पता... Read more »
दिनेशराय द्विवेदी सर और बीएस पाबला जी ने आ़ज दिल्ली प्रवास के बाद मेरे से विदाई ली…ऐसा कहीं लगा ही नहीं कि हम सब पहली बार मिले …सब कुछ वैसा ही जैसे... Read more »
आज मैं बहुत खुश हूं…दिनेशराय द्विवेदी सर और यारों के यार बीएस पाबला जी से साक्षात मिलने का सौभाग्य मिला…और ब्लॉग पर दो गुरुदेवों… अनूप शुक्ल जी और समीर लाल जी समीर... Read more »
जब दो बड़े बात करते हैं तो छोटों को चुप रहना चाहिए…संस्कार ने हमें यही सिखाया है…यकीन मानिए यही मेरी दुविधा है…और शायद आज की पोस्ट लिखनी जितनी मेरे लिए मुश्किल है,... Read more »
जी हां…आज मैं कुछ नहीं कहूंगा…आज सिर्फ आप सब की सुनुंगा…एक दिन पहले उड़न तश्तरी वाले गुरुदेव ने पेड़, पत्तियों, मौसम, बर्फीली आंधियों को बिम्ब बनाते हुए बड़ी मर्मस्पर्शी पोस्ट लिखी थी-... Read more »
आज स्लॉग ओवर की बारी है…स्लॉग ओवर में आपको यही सुनाऊंगा…अब तंग करके देख…लेकिन उससे पहले गऊ माता पर लिखी कल वाली पोस्ट का जिक्र…मिथिलेश दूबे भाई के पास ज्ञान का कितना... Read more »
बचपन से सुनता आया हूं गऊ हमारी माता होती है…सीधा सा तर्क है कि हम गाय का दूध पीते हैं, इसलिए गाय हमारी माता होती है…लेकिन अब हम गाय का दूध कहां... Read more »
आज स्लॉग ओवर की बारी है…लेकिन मूड बनाने के लिए पहले नाम की थोड़ी चर्चा हो जाए…आप कहेंगे कि नाम में रखा क्या है…लेकिन कुछ के लिए तो नाम में ही सब... Read more »
हिंदी पिटी…बुरी तरह पिटी…अपने देश में ही पिटी…आखिर हिंदी है किस खेत की मूली…राष्ट्रीय भाषा कोई है हिंदी…जो महाराष्ट्र में चलेगी…जी हां, मैं भी इसी भ्रम में जी रहा था कि हिंदी... Read more »