देशनामा नहीं आपका प्यारनामा…खुशदीप

 नवाज़िश, करम, मेहरबानी, शुक्रिया… कितना कुछ भी क्यों ना कह लूं लेकिन आप सब के प्यार का कर्ज़ नहीं चुका सकता…ये सब  आप की दुआओं का नतीजा है कि ‘देशनामा’ को ब्लॉग अड्डा... Read more »

#YWMA आइडिया दो, दस लाख जीतो…खुशदीप

 24  जनवरी की शाम कई मायनों में बड़ी खुशगवार गुज़री…इंडीब्लॉगर्स की ओर से नोकिया-ल्यूमिया के आयोजन में शिरकत का न्योता था…इंडीब्लॉगर्स की दिल्ली में पहले हुई ब्लॉगर्स मीट में हिस्सा ले चुका... Read more »

हमी से मुहब्बत, हमी से लड़ाई…खुशदीप

दिल्ली में कड़ाके की ठंड बेशक पड़ रही है लेकिन अरविंद केजरीवाल एंड कंपनी ने यहां का पारा गर्म कर रखा है…दिल्ली पुलिस को लेकर आप और कांग्रेस में ‘ठनी’ हुई है…लेकिन... Read more »

मोदी को लेकर अमेरिका का धर्मसंकट…खुशदीप

अपने ब्लॉग के स्टैट्स देखता हूं तो सुखद आश्चर्य होता है कि भारत से ज़्यादा पाठक अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों से आ रहे हैं…यानि भारतीय दुनिया में कहीं भी जाकर... Read more »

ब्लॉग अड्डा अवॉर्ड्स शार्टलिस्ट जारी…खुशदीप

पिछले साल आपके ब्लॉग देशनामा को पॉलिटिकल न्यूज़ की कैटेगरी में इंडीब्लॉगर्स अवार्ड मिला था तो इसकी सूचना सबसे पहले मुझे ‘सरदार ऑफ ब्लॉग’ पी एस पाबला जी ने फेसबुक पर दी... Read more »

नौकरशाहों की सियासत…खुशदीप

(हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार पवन बंसल से मिले इनपुट के आधार पर) करीब छह महीने पहले तक देश के गृह सचिव रहे आर के सिंह अब एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं…उन्होंने... Read more »

सुनिए जहांपनाह हुजूर..खुशदीप

मुगल शासक जहांगीर के वक्त दरबार-ए-आम की व्यवस्था थी…आगरा फोर्ट के बाहर 60 घंटों में से किसी एक को बजा कर कोई भी शख्स सीधे बादशाह तक फरियाद पहुंचा सकता था…इन्हें इनसाफ... Read more »

अरविंद केजरीवाल जी जवाब दीजिए…खुशदीप

हसरतें हैं कि बढ़ती ही जाती हैं…दिल्ली के ट्रेलर के बाद केजरीवाल एंड कंपनी कह रही है कि पिक्चर अभी बाकी है दोस्त…यानि दिल्ली जीती, अब देश की बारी है…ग़ालिब दिल बहलाने... Read more »

आप : जनसेवा या सत्ता का मेवा…खुशदीप

‘आप’ का जाप करने वाले कहते हैं कि यहां पावर का मेवा खाने की चाह रखने वालों के लिए कोई जगह नहीं है…बस जन सेवा की भावना रखने वाले ही हाथ में... Read more »

केजरीवाल एक बार ‘OMG’ ज़रूर देखें…खुशदीप

आम आदमी पार्टी देश की राजनीति में आई नहीं कूदी है…पार्टी के मुताबिक परंपरागत सियासी दलों ने देश की राजनीति में इतने गढ्डे कर दिए हैं कि उसे इसमें कूदना पड़ा…चलिए अब... Read more »