महात्मा गांधी की 150वीं जयंती, 2 अक्टूबर 2019 तक देश को ‘खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जैसे जैसे डेडलाइन निकट आ रही है, वैसे... Read more »
‘खुले में शौच’ लिखना–पढ़ना आंखों को बड़ा खटकता है.खास तौर पर हम शहरों, वो भी मेट्रो में रहने वाले लोगों के लिए. हां, अगर इसके लिए ‘Shitting Outside’ का इस्तेमाल किया जाए... Read more »
पेट्रोल प्राइजिंग का खेल किस तरह आपकी, मेरी, हम सबकी जेब जला रहा है, इस पर कल की पोस्ट को ही आगे बढ़ा रहा हूं. पहले आप ये जान लीजिए कि हमारे... Read more »
2009 में शाहिद कपूर की एक फिल्म आई थी ‘कमीने’…उसी फिल्म के एक गाने के बोल थे- आजा आजा दिल निचोड़े, रात की मटकी फोड़े, कोई गुडलक निकाले, आज गुल्लक तो फोड़े,... Read more »
बुलेट ट्रेन का बड़ा हल्ला है…सरकार कह रही है कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच 2022 से बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी…आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस... Read more »
रोहिंग्या शरणार्थियों पर भारत सरकार की बोली बाक़ी दुनिया से अलग क्यों? इस मुद्दे पर आने से पहले से बता दूं कि रोहिंग्या पर पहले दो पोस्ट विस्तार से लिख चुका हूं. जिन्होंने... Read more »
कौन हैं रोहिंग्या? कहा जाता है कि म्यांमार (बर्मा) के रोहिंग्या दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़ुल्म का सामना करने वाले अल्पसंख्यक हैं. म्यांमार की 90 फीसदी आबादी बौद्ध हैं. एक अनुमान के... Read more »
कुछ कहना शुरू करूं उससे पहले चलिए थोड़ा अतीत में चलते हैं…1971 से पहले की स्थिति में…उस वक्त बांग्लादेश अस्तित्व में नहीं आया था…तब ये क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जाना... Read more »
राष्ट्रीय बहस का मुद्दा क्या होना चाहिए? गोरखपुर, फर्रूखाबाद के अस्पतालों में बच्चों की बड़ी संख्या में मौतें (ऑक्सीजन की कमी नहीं होने का सरकारी तर्क मान भी लिया जाए तो भी... Read more »
17 अगस्त 2009 को शुरू हुए ‘देशनामा’ ने आज 8 साल 15 दिन में 1000 पोस्ट का सफ़र तय कर लिया है…इस मकाम तक पहुंचना आपके स्नेह और प्रोत्साहन के बिना संभव नहीं था…ये... Read more »