हर घर कुछ न कुछ कहता है…नेरोलक पेंटस का ये एड आपने कभी न कभी ज़रूर देखा होगा…मैं कहता हूं घर क्या, घर का हर कमरा, कमरे की हर चीज़ भी आप... Read more »
पढ़ाई के तरीके बदल रहे हैं…अब उन तरीकों से बच्चों को पढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है जिन्हें वो आसानी से समझ सकें…जैसे बच्चा-बच्चा और किसी को पहचानता हो या न... Read more »
कल मैनपुरी से ब्लॉगर भाई शिवम मिश्रा का फोन आया…उन्होंने बड़ी फ़िक्र जताई कि न तो ये स्टार ब्लॉगर महोदय फोन उठा रहे हैं, न ही इनका कोई अता-पता चल रहा है…मैंने... Read more »
ब्लॉगिंग में जितने प्यार की मैं उम्मीद के साथ आया था, उससे दुगना क्या, कहीं ज़्यादा गुना मुझे मिला…देखते ही देखते ये मेरी 200वीं पोस्ट आपके सामने हैं….पिछले साल 125 लिखी थीं…इस... Read more »
मातृभूमि की सेवा करने वाले सैनिक क्या अलग मिट्टी के बने होते हैं…क्या वो आपके-हमारी तरह इंसान नहीं होते…सरहद पर दुश्मन से मोर्चा लेते हुए शहीद होने वाले रणबांकुरों की रगों में... Read more »
भारत भलमनसाहत दिखाते हुए जब भी पाकिस्तान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, पाकिस्तान किसी न किसी बहाने कश्मीर को बीच में ले आता है…63 साल से यही कहानी चली आ... Read more »
समुद्र किनारे मछुआरों के सुंदर से गांव में एक नौका खड़ी है… एक सैलानी वहां पहुंचता है और मछुआरों की मछली की क्वालिटी की बड़ी तारीफ़ करता है… सैलानी पूछता है…इन मछलियों... Read more »
एक अमेरिकी और एक भारतीय बार में बैठे ड्रिंक पर ड्रिंक चढ़ा रहे थे… भारतीय अपना ग़म गलत करने के लिए अमेरिकी से बोला…जानते हो, मेरे घर वाले भारत में मेरी शादी... Read more »
ज़िंदगी है क्या… आप भी बताइए, आपकी नज़र में ज़िंदगी है क्या… स्लॉग गीत ज़िंदगी है क्या, बोलो ज़िंदगी है क्या… फिल्म….सत्यकाम (1969) सिर्फ गीत सुनना है तो इस लिंक पर... Read more »
बर्थ-सर्टिफिकेट सबूत है हमारे जन्म का… डेथ-सर्टिफिकेट सबूत है हमारी मौत का… फोटो सबूत हैं हमारे ज़िंदा रहने का… अब आप एक ठंडी सांस लीजिए…और पूरे सकून के साथ इसे धीरे-धीरे पढ़िए…... Read more »