प्राइम टाइम देश सेवा में, रिटायरमेंट के बाद मिलती है मौत…

  एक ख़बर पढ़ कर मन व्यथित है। ताज्जुब भी है कि इस ख़बर पर अधिक लोगों का ध्यान क्यों नहीं गया। ख़बर भारतीय सेना में शामिल प्रशिक्षित कुत्तो के बारे में... Read more »

12वीं का रिज़ल्ट, डीयू दाखिला और IIN…खुशदीप

अनार एक, बीमार अनेक। कुछ यही कहा जा सकता है दिल्ली यूनिवर्सिटी के अच्छे कॉलेजों में दाखिले के लिए। कट-ऑफ लिस्ट, पर्सन्टेज़, ऑनलाइन फार्म, ओरिएन्टेशन  प्रोग्राम, सब्जेक्ट का चुनाव। ये बातें बच्चों... Read more »

काश ये बच्चा इस देश का पीएम बने…खुशदीप

कुमार राज (या राजेश चौरसिया)…शायद आज आपने इस बच्चे के प्रखर विचारों को मीडिया के ज़रिए जाना होगा। पटना में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ये बच्चा देश की शिक्षा व्यवस्था पर... Read more »

भारत का ग़लत नक्शा दिखाने की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता?

   क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के ग़लत नक्शे को दिखाने की कोई प्रतियोगिता चल रही है या भारत के नक्शे को विदेशियों ने सच में ही बिना सिर वाले धड़ के... Read more »

‘सूट-बूट की, सूट-बूट द्वारा, सूट-बूट के लिए’…खुशदीप

अब्राहम लिंकन साहब ख़ामख़्वाह ही डेमोक्रेसी के लिए कह गए…of the people, by the people, for the people…लिंकन महोदय आज ज़िंदा होते तो शुक्र कर रहे होते कि वो उस देश में... Read more »

घण्टा न्यूज़ : अम्मा के भक्त ने की खुदकुशी की कोशिश…खुशदीप

अम्मा के भक्त भावविभोर हैं। करीब दो दशक तक बेचारी अम्मा को नाहक परेशान किया गया। कर्नाटक हाईकोर्ट के जज को 10 सेकंड नहीं लगे अम्मा को ‘दोषी नहीं’ क़रार देने में।... Read more »

सलमान को सब जानते हैं, सरिता को कोई नहीं…खुशदीप

पिछले तीन दिन से सलमान सुनामी ने पूरे देश को हिला रखा है। रिपोर्टिंग करते वक्त मीडिया का व्यवहार ऐसा रहा, जैसे चीन युद्ध से भी बड़ा संकट देश पर आ गया... Read more »

ड्रामा चालू आहे…खुशदीप

मेरे एक मित्र हैं। पत्रकार रह चुके हैं। अब राजनीति में हैं। देश के एक बड़े राजनेता की कोर टीम से जुड़े हैं। मुझे खुशी है कि राजनीति में होते हुए भी... Read more »

दिल्ली के ‘बूबी ट्रैप’ में ‘आप’…खुशदीप

आपने बूबी ट्रैप के बारे में सुना होगा? किस तरह उसमें दुश्मन को फंसाया जाता है। चलिए वो भी छोड़िए। आपने घर में चूहे का पिंजरा तो ज़रूर देखा होगा। कैसे रोटी... Read more »

‘सफ़ेद’ और ‘रंगीन’ क्रिकेट का फ़र्क़…खुशदीप

हमने बचपन में सफ़ेद क्रिकेट देखी है, खेली है। अब क्रिकेट रंगीन है। इसलिए इसकी हर बात रंगीन है। पहले रेडियो पर क्रिकेट को सुना जाता था। आज टीवी पर क्रिकेट को देखा... Read more »