क्या बला है टिकटॉक? क्यों सरकार को फ़िक्र…खुशदीप

सोशल मीडिया पर टिकटॉक ऐप के जरिए आपके किसी दोस्त की ओर से शेयर किए गए वीडियो से आपके चेहरे पर कभी मुस्कान आई होगी. हो सकता है कि आपने भी उसे... Read more »

कपिल देव जैसा कोई नहीं, न्यूज़ीलैंड से भारत की हार से समझिए…खुशदीप

 10 जुलाई 2019, मानचेस्टर, इंग्लैंड भारत बनाम न्यूज़ीलैंड, सेमीफाइनल 18 जून 1983,  टनब्रिज, वेल्स  भारत बनाम ज़िम्बाब्वे, ग्रुप मैच इन दोनों तारीखों के बीच 36 साल का वक्त गुज़र चुका है. लेकिन ये दोनों... Read more »

पाक की वर्ल्ड कप हार और सरफ़राज़ का सब्र…खुशदीप

आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के दौरान पाकिस्तान टीम के कप्तान सरफ़राज़ अहमद को जितना अपमान सहना पड़ा, आलोचना में जितने कठोर शब्द सुनने पड़े ऐसा शायद हाल फिलहाल में किसी भी टीम... Read more »

वर्ल्ड कप फाइनल मे भारत की जर्सी नीली या नारंगी?…खुशदीप

क्या नारंगी (कथित भगवा) जर्सी का भारत की आईसीसी 2019 वर्ल्ड कप में लीग मुक़ाबलों में इकलौती हार से वाकई कोई संबंध था? क्या ये सच में अपशकुन है जैसा कि सोशल मीडिया... Read more »

क्या वाकई फ़ासीवाद की ओर देश?

लोकसभा चुनाव 2014 के नतीजे आने से पहले राष्ट्रीय स्तर के एक अख़बार में मेरा लेख प्रकाशित हुआ. तब चुनाव के दौरान माहौल से ही साफ़ था कि नरेंद्र मोदी देश के... Read more »

सिख टैम्पो ड्राइवर का गुस्सा और बर्बर पुलिस…खुशदीप

रविवार 16 जून को दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने के बाहर जो घटना हुई, उसे एक धर्म विशेष से जोड़ कर देखने की जगह अलग नज़रिए से समझने की ज़रूरत है…ये एक... Read more »

सरदार का सम्मान या मोदी का अहम…खुशदीप

सरदार वल्लभ भाई पटेल आज धन्य हुए. आख़िर जिस विचारधारा के वो विरोधी रहे, उस विचारधारा के वंशज भी उनकी मूर्ति के उद्घाटन के बाद लहालोट हो रहे हैं. मूर्ति भी कोई... Read more »

काश सारे डॉ रामेश्वर की तरह हो जाएं

जीना इसी का नाम है… सेल्फी युग में किसी मरीज या गरीब को केला, अमरूद तक देते हुए अपनी फोटो फेसबुक पेज पर डाल दी जाती है, खुद को धर्मात्मा दिखाने के... Read more »

आस्था पर BJP डबल स्टैंडर्ड क्यों…खुशदीप

इसे कहते हैं डबल स्टैंडर्ड… केरल के सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बावजूद बीजेपी इसका विरोध कर रही है…‘बीजेपी के शाह‘ कह रहे... Read more »

परंपरा के नाम पर अमृतसर जैसे हादसों को न्योता कब तक

अमृतसर दशहरा हादसे में जिन्होंने अपनों को खोया, वो भरपाई किसी जांच, किसी मुआवजे से पूरी नहीं होगी. लेकिन अपने अंदर झांक कर हम ये तो सोच ही सकते हैं कि परंपराओं... Read more »