दूध का गिलास…खुशदीप

 एक गरीब लड़का स्कूल जाने से पहले दरवाज़े-दरवाज़े जाकर चीज़ें बेचा करता था…एक दिन उसकी ज़ेब में दस सेंट का सिक्का ही था और उसे भूख लग रही थी…उसने सोचा अब जो भी घर आएगा, वहां वो कुछ खाने को मांग लेगा…उसने दरवाज़े पर नॉक किया…एक सुंदर सी महिला ने दरवाज़ा खोला…लड़का हिचकिचा गया और खाने की जगह सिर्फ पानी पिलाने का ही आग्रह किया…लेकिन महिला को लड़के की शक्ल से ही पता चल गया कि वो भूख से परेशान है…महिला ने लड़के को बड़े गिलास में दूध लाकर दिया…
लड़के ने धीरे से दूध पिया और फिर पूछा…आपको मैंने कितने पैसे देने हैं…इस पर महिला का जवाब था…कुछ नहीं, मेरी मां ने मुझे सिखाया है, किसी ज़रूरतमंद की मदद के लिए कोई कीमत नहीं वसूलनी चाहिए
इस पर लड़के ने कहा…तो मैं दिल से आपका शुक्रिया करता हूं…

उस लड़के ने घर से निकलते हुए न सिर्फ अपने को मज़बूत महसूस किया बल्कि उसका ईश्वर और मानवता में विश्वास भी बढ़ गया था…

कई साल बाद जिस महिला ने लड़के को दूध पिलाया था, वो गंभीर रूप से बीमार पड़ गई…स्थानीय डॉक्टरो को उसकी बीमारी ठीक से समझ नहीं आई…महिला को इलाज के लिए बड़े शहर में रेफर कर दिया गया…वहां महिला की दुर्लभ बीमारी को डिस्कस करने के लिए नामी स्पेशलिस्ट्स को बुलाया गया…उन्हीं में डॉ हॉवर्ड कैली भी थे…

अत्यंत व्यस्त रहने वाले डॉ कैली महिला के इंस्पेक्शन के लिए उसके वार्ड में आए….डॉ कैली ने बेहोश महिला के चेहरे को कुछ देर तक गौर से देखा…थोड़ी देर मौन रहने के बाद उन्होंने जूनियर डॉक्टर से कन्सल्ट किया…जूनियर डॉक्टर ने महिला के बचने की कोई उम्मीद नहीं बताई…डॉ कैली ने महिला के सारे पेपर अपने केबिन में मंगाए…फिर शुरू हुई महिला को बचाने की जंग…डॉ कैली की कड़ी मेहनत रंग लाई…महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा…एक दिन महिला के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने की बारी भी आ गई…

Dr. Howard Kelly

महिला के इलाज के फाइनल बिल साइन होने के लिए डॉ कैली के पास भेजे गए…डॉ कैली ने बिल देखने के बाद उसके साइड पर नोट लिखा और महिला के पास भेज दिया…महिला ये सोच कर परेशान थी कि अब उसका सब कुछ हॉस्पिटल के इस मोटे बिल को चुकाने में ही चला जाएगा…महिला ने बिल की रकम देखने के लिए डरते-डरते लिफाफा खोला…महिला की नज़र बिल के कोने में पेन से लिखी एक मोटी इबारत पर गई…लिखा था…

“बिल का पूरा भुगतान कई साल पहले हो चुका है, दूध के एक गिलास से….”

(Signed) Dr. Howard Kelly

महिला की आंखों में आंसू थे…आंसुओं के उसी धुंधलके के छटने पर रूम के दरवाजे पर हाथ में गुलाब लिए डॉ कैली खड़े नज़र आए…

(नोट- आप कुछ अच्छा करते हैं तो एक दिन उसका फल मिलता ज़रूर है सूद के साथ…आपको न सही किसी और को ही सही…लेकिन ये दुनिया तो रहने के लिए कुछ बेहतर बनती है…

है….न…)
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MEET ONE EYED SHARK

Khushdeep Sehgal
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Geeta
14 years ago

aapki is post se boht achi seekh mili hai aaj

thanks

Unknown
14 years ago

इस प्रेरणादायी पोस्ट के लिए धन्यवाद!

Pratik Maheshwari
14 years ago

दुनिया गोल है… सब वापस आता है घूम के वापिस. एक-एक आना…

Arvind Mishra
14 years ago

मानवता की इन्ही बेमिसाल झलकियों ने ही हमें जिलाए रखा है…..भावपूर्ण!

संगीता पुरी

(नोट- आप कुछ अच्छा करते हैं तो एक दिन उसका फल मिलता ज़रूर है सूद के साथ…आपको न सही किसी और को ही सही…लेकिन ये दुनिया तो रहने के लिए कुछ बेहतर बनती है…

है….न…)

बहुत सही ..

Amit Chandra
14 years ago

बिलकुल सर जी मैं आपकी बातो से इत्तेफाक रखता हू.

Rahul Singh
14 years ago

मेरा तो भरोसा है इस बात पर.

प्रवीण पाण्डेय

ऊपर वाले की योजना अचिन्त्य है।

vandana gupta
14 years ago

बिल्कुल सही कहा खुशदीप जी…………किये कर्म कभी बेकार नही जाते फ़ल जरूर मिलता है।

Satish Saxena
14 years ago

आजकल न कहीं दूध का गिलास पिलाने वाले हैं और न ही डॉ कैली कहीं मिलते हैं ….
मानवता की मिसाले दुर्लभ होती जा रही हैं खुशदीप भाई !
हार्दिक शुभकामनायें आपको !

Unknown
14 years ago

Emotional story….

jai baba banaras…..

दिनेशराय द्विवेदी

मैं सोच रहा हूँ,कि उस बच्चे को स्कूल जाने की उम्र में चीजें बेचने का काम करने की जरूरत क्यों थी? क्या ऐसा नहीं हो सकता कि किसी बच्चे को ऐसी जरूरत न पड़े। क्या ऐसा भी नहीं हो सकता कि किसी बीमार को ठीक होने के लिए अस्पताल के बड़े बिल का डर न हो?

Atul Shrivastava
14 years ago

भावुक कर देने वाला प्रसंग।
सच है, सब कुछ यहीं होता है….. हर अच्‍छे कर्मों का फल मिलता है और बुरे का भी…..

sonal
14 years ago

सच में आप के किये का फल यही मिलता है ….सूद के साथ 🙂

अजित गुप्ता का कोना

मैं अक्‍सर कहती हूं कि आप सही मार्ग पर चल रहे है और किसी का बुरा नहीं करते हैं, यह बहुत अच्‍छी बात है लेकिन इससे हटकर आप कितनों का अच्‍छा करते हैं यह पुण्‍य है। पुण्‍य कमाते रहिए और अपने कर्मों का बेंक बेलेंस बढाते रहिए। अवश्‍य फल मिलेगा।

M VERMA
14 years ago

bahut sundar prerak prasang ..

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