अलविदा शहरयार साहब…खुशदीप

अख़लाक़ मोहम्मद ख़ान उर्फ़ शहरयार​
16 जून 1936-13 फरवरी 2012

Khushdeep Sehgal
Follow Me
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Unknown
14 years ago

शहरयार साहब का जाना, उर्दू शायरी के लिए ऐसा नुक्सान है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है.

नीरज गोस्वामी

शहरयार साहब का जाना उर्दू शायरी के लिए एक बहुत बुरी खबर है…ऐसे लोग सदियों में पैदा होते हैं..

नीरज

डॉ टी एस दराल

महान शायर को विनम्र श्रधांजलि ।

अनुपमा पाठक

श्रद्धांजलि!

सागर
14 years ago

.

दिनेशराय द्विवेदी

हार्दिक श्रद्धांजलि!!!

DR. ANWER JAMAL
14 years ago

कल यार मरा और आज शहरयार
जाना है ख़ुद भी एक दिन यार

…बस मालिक हमें अपने बंदे के रूप में स्वीकार कर ले,
हमें ऐसा बनकर जाना है इस दुनिया से।

http://blogkikhabren.blogspot.in/2012/02/age-factor.html

संतोष त्रिवेदी

नायाब शायर शहरयार को,हमसे जुदा किया,
खुदा को भी किसी फ़रिश्ते की तलाश थी !

हार्दिक श्रद्धांजलि

भारतीय नागरिक - Indian Citizen

अलविदा…

Udan Tashtari
14 years ago

अलविदा- विनम्र श्रद्धांजलि.

प्रवीण पाण्डेय

दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूढ़े…

विनम्र श्रद्धांजलि..

shikha varshney
14 years ago

विनर्म श्रद्धांजलि.

Atul Shrivastava
14 years ago

श्रध्‍दासुमन…..

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x