मक्खन घर नया कंप्यूटर खरीद कर लाया…गुल्ली और मक्खनी भी बहुत खुश…लेकिन मक्खन मैकेनिक आदमी…हर चीज़ में उंगली करने की आदत…पहले कंप्यूटर को अच्छी तरह देखा…कुछ बातें समझ नहीं आईं…मक्खन ठहरा मक्खन…कंप्यूटर... Read more »
तो लो जी जनाब, आज आपको वो चीज़ बताने जा रहा हूं जिसके लिए बड़े बड़े दार्शनिकों ने अपने पूरे जीवन का तज़ुर्बा लगा दिया…पत्नी को समझने के लिए इन Ten Commandments... Read more »
साठ के दशक के आखिर में देव आनंद साहब ने एक फिल्म बनाई थी…प्रेम पुजारी…उसमें फौजियों पर फिल्माया एक गीत था…ताकत वतन की हम से हैं…हिम्मत वतन की हमसे है…हम हैं वतन... Read more »
हम सबसे बड़े इडियट्स हैं…हमने ये साबित कर दिया है…बेशक हम अपने को फन्नेखां माने लेकिन कोई भी हमारा पोपट बना सकता है…और हम खुशी खुशी बनते हैं…बनते ही नहीं है जेब... Read more »
एक बार गब्बर सिंह ने सोचा कि ब्लॉगर बिरादरी बड़ी प्रसिद्ध हो रही है…इससे तो गब्बर को कल कोई पूछने वाला ही नहीं रहेगा…गब्बर को किसी ने कूटनीति से काम लेने की... Read more »
कल मैं बरेली से लौटा…कुछ छूटे हुए पोस्ट पढ़ने शुरू किए…पता चला कि अलबेला खत्री जी ने तीन श्रेणियों में मतों के ज़रिए सम्मान की घोषणा की है…इसी बीच अविनाश वाचस्पति जी... Read more »
ओ, तुमसे दूर रह कर हमने जाना, प्यार क्या है दिल ने माना, यार क्या है… तुमको पाके न पहलू में लगता था यूं जीते हैं किस लिए और ज़िंदा हैं क्यों... Read more »
लो जनाब आ गया 2010 भी…आधी रात को माहौल देखना था…ऐसे जैसे घड़ी की सुइयां बारह पर पहुंचेंगी तो न जाने क्या कुछ अनोखा हो जाएगा…देवदूत आसमां से नीचे उतर आएंगे…देवदूत तो... Read more »
बहुओं की ताकत अपरम्पार है…सियासी ख़ानदान भी इससे अलग नहीं है…पति के लिए वोट जुटाने को दिन-रात एक करती पत्नियों को आपने देखा होगा…खुद सियासत में न भी हो लेकिन हमेशा उसी... Read more »
बताऊंगा, बताऊंगा…इतनी जल्दी भी क्या है…जिसे जल्दी है वो पोस्ट के आखिर में स्लॉग ओवर में अच्छी पत्नियों को ढूंढ सकता है…अब ढूंढते ही रह जाओ तो भइया मेरा कोई कसूर नहीं... Read more »