इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है…खुशदीप

सीने में जलन, आंखों में तूफ़ान सा क्यों है… इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है…. पहले लिंक पर इस गीत को सुन लीजिए….फिर जो मैं इस पोस्ट में कहने... Read more »

किस मिट्टी के बने होते हैं जननायक…खुशदीप

जननायक कौन होता है…वो जो राजनीति की गोटियों को साधता हुआ सत्ता के शीर्ष पर पहुंच जन-जन का स्वयंभू भाग्यविधाता बन जाता है…या जननायक वो होता है जो सत्ता के लोभ को... Read more »

छिछोरेपन का ‘न्यूटन’ लॉ…खुशदीप

आप अगर साइंस या फिजिक्स के छात्र रहे हैं तो न्यूटन द ग्रेट के बारे में ज़रूर जानते होंगे…वहीं जनाब जिन्होंने गति (मोशन) के नियम बनाए थे…लेकिन ये बात फिजिक्स पढ़ने वाले... Read more »

ब्लॉगर बिरादरी !!! मुझे शेरसिंह से बचाओ…खुशदीप

ले आया भईया मैं जान पर खेल कर सबूत…सुबह जो मैंने ब्रेकिंग न्यूज़ दी थी…उसका सबूत आप तक लाने के लिए बस ये समझ लीजिए मुझे शेरसिंह के मुंह में हाथ देना... Read more »

टंकी पर श्री श्री ब्लॉग शिरोमणि…खुशदीप

आज महेंद्र मिश्र जी ने समय चक्र में एक पोस्ट डाली-आख़िर जा टंकी का है भला ?…. महेंद्र जी ने बड़े दिलचस्प और रोचक ढंग से ब्लॉगर नगर और उसकी टंकी का... Read more »

क्या आप अपने बच्चों को अच्छी तरह जानते हैं…खुशदीप

क्या आप अपने बच्चों को अच्छी तरह जानते हैं…उनके दिमाग में हर वक्त क्या रहता है, आप उसे पढ़ना जानते हैं…मुझे आज ये मुद्दा उठाने के लिए मजबूर किया है ऐसी कुछ... Read more »

सूरज का सातवां घोड़ा…खुशदीप

आप जानते हैं सूरज के सातवें घोड़े के बारे में…आज सूर्य ग्रहण है…हरिद्वार में महाकुंभ आरंभ हो चुका है…लेकिन मैं इस पोस्ट में सिर्फ सूरज के सातवें घोड़े की बात करूंगा…कैसे इस... Read more »

मक्खन की जेब पर डाका…खुशदीप

रवीश कुमार जी ने कस्बा ब्लॉग में अपराध का नारीवाद शीर्षक से एक फोटो-पोस्ट हाल ही में डाली थी…उसमें हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर के बाहर एक सूचनात्मक बोर्ड का फोटो लगाया... Read more »

आइए मिलाऊं राबिनहुड से…खुशदीप

राबिनहुड का नाम तो आपने सुना होगा…राबिनहुड वो लुटेरा था जो गरीबों का खून चूसकर दौलत इकट्ठा करने वालों के घरों में डाके डालता था और लूटी हुई दौलत गरीबों और ज़रूरतमंदों... Read more »

महफूज़ इक झूमता दरिया…खुशदीप

महफूज़ की पोस्ट…कोई रोक सको तो रोक लो…पढ़ कर आज कुछ सोचने को मज़बूर हो गया कि ये महफूज़ का कॉन्फिडेंस है या ओवर-कॉन्फिडेंस…या फिर अकेले रहते-रहते महफूज़ किसी फोबिया का शिकार... Read more »