चलिए सरकार की दुकान… क्या खरीदना है…पेट के लिए रोटी, हाथ के लिए रोज़गार, सिर के लिए छत… सरकार की दुकान से जवाब मिलेगा….ये तो नहीं है…सपने हैं वो ले लो…सिनेमा है... Read more »
एक दिन मैंने आपको शेर सिंह (ललित शर्मा) जी के डैन में घुसकर वहां का आंखों देखा हाल सुनाया था…अपने इन शेर सिंह जी की तो मूछें ही इतनी गज़ब हैं कि... Read more »
आदमी सोचता क्या है…लेकिन होता वही है जो मंज़ूर-ए-खुदा होता है…मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ…कल दिल्ली में ब्लॉगर-ए-बहारा महफिल पर मैंने कल शाम साढ़े छह बजे तक ही रिपोर्ट लिख ली... Read more »
ये कहानी इंटरनेट से ही अंग्रेज़ी में मुझे किसी ने ई-मेल की है…ये कहानी अगर देश के हर इंसान को पढ़ा दी जाए, हर टीचर को पढ़ा दी जाए, हर बच्चे को... Read more »
हम अपने-अपने कामों में बड़े मसरूफ़ हैं…अपने बच्चों को ज़िंदगी में कोई मकाम बनाने के लिए हर तरह की मदद देना चाहते हैं…चाहते हैं कि वो किसी भी मामले में दूसरों से... Read more »
दिन है सुहाना आज पहली तारीख है, खुश है ज़माना आज पहली तारीख है, पहली तारीख है जी पहली तारीख है, बीवी बोली घर ज़रा जल्दी से आना, शाम को पियाजी हमें... Read more »
कल आतंक पर व्यंग्य पोस्ट किया था…लेकिन फिर एक सवाल भी जेहन में आया कि हिंदुस्तानी आला दर्ज़े के आतंकवादी क्यों नहीं बन सकते...ठीक वैसे ही जैसे अमेरिका आजकल अफगानिस्तान में बैड... Read more »
गब्बर… अरे ओ सांबा…ज़रा देख तो सरकार हमार लई कौन सा नया पोस्टरवा लगाए रे ब्लॉगगढ़वा में… सांभा… कोई पोस्टरवा वोस्टरवा नई लगाए सरकार तोहार…मरगिला कुत्ता भी न डरे इब तोरे नाम... Read more »
प्रोफेसर ने क्लास लेना शुरू किया…हाथ में एक पानी से भरा गिलास पकड़ रखा था…पूरी क्लास को गिलास दिखाते हुए प्रोफेसर ने सवाल पूछा कि इस गिलास का वजन कितना होगा… बच्चों... Read more »
मैं घर के पास एक डिपार्टमेंटल स्टोर में कुछ ज़रूरी खरीदारी करने गया था…वहां एक बच्चा गुड़िया लेकर खड़ा था और कैशियर उसके पिग्गी बैंक से पैसे गिनकर कह रहा था…सॉरी बेटा,... Read more »