सारी हदें तोड़ दो…खुशदीप

हद कर दी आपने, हद कर दी आपने… आखिर किसी चीज़ की क्या हद हो सकती है…अनुभूति की हद, जीवट की हद, आनंद की हद, सहयोग की हद या गुस्से की हद…देखना... Read more »

खुश रहने के आठ मंत्र…खुशदीप

मैं खुशवंत सिंह का बहूत बड़ा फैन हूं…उनके जैसा ज़िंदादिल लेखक मैंने और कोई नहीं देखा…बेबाक अंदाज़ में अपनी कमज़ोरियों का बखान करना…पॉलिटिकली करेक्ट दिखाते रहने जैसा कोई आडम्बर नहीं…शराब और सुंदर... Read more »

ये अंदर की बात है…खुशदीप

जब एक अंडा बाहर की ताकत से टूटता है तो एक जीवन का अंत होता है…. अगर अंडा अपने अंदर की ताकत से फूटता है तो एक जीवन का उदय होता है…... Read more »

समीर संतरीमंडल शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी…खुशदीप

ब्रेकिंग न्यूज़…ब्रेकिंग न्यूज़़…मेरे पत्रकारिता करियर की सबसे बड़ी और सनसनीखेज़ रिपोर्ट…वो रिपोर्ट जिससे हिंदुस्तान की तस्वीर पलटने वाली है…कल दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई…बैठक में महंगाई और बजट में एक्साइज... Read more »

कैसे ब्लॉगर हो आप, PSPO भी नहीं जानते…खुशदीप

टीवी पर अक्सर ओरिएंट पंखों की एक एड देखने को मिल जाती थी जिसमें उनकी बड़ी खिल्ली उडाई जाती थी जो PSPO के बारे में नहीं जानते…PSPO यानि पीक स्पीड परफॉरमेंस आउटपुट…ये... Read more »

प्रणब दा ! रोटी तो मिलती रहेगी न…खुशदीप

परसो ममता दी का दिन था…आज प्रणब दा का है…बजट का दिन है…प्रणब दा को फिक्र होगी…फिस्कल घाटे की…जीडीपी की…रुपया आएगा कहां से…रुपया जाएगा कहां…लेकिन आंकड़ों की बाज़ीगरी के इस वार्षिक अनुष्ठान... Read more »

संस्कृति एक्सप्रेस ले लो, आतंक एक्सप्रेस दे दो…खुशदीप

रेल बजट आ गया…आपने अब तक जान भी लिया होगा…ममता दी की रेल ने बंगाल की बम-बम कर दी…आप खुश है कि किराए नहीं बढ़े…एसी में तो कहीं बीस रुपये की छूट... Read more »

भारतीय रेल को कितना जानते हैं आप…खुशदीप

रेल…बचपन से ही जब ये नाम सुनता एक अजीब सा रोमांच शरीर में दौड़ने लगता.. रेलगाड़ी में बैठकर दूर शहरों में रहने वालों से मिलने की खुशी और दूसरा अपर बर्थ पर... Read more »

अमीर बनना है, इसे पढ़िए…खुशदीप

अमीर बनने का नुस्खा आपको बताऊंगा…ऐसा नुस्खा जिसमें आपकी धन-दौलत छिनने का कभी डर ही नहीं रहेगा, लेकिन पहले ज़िंदगी… जिंदगी कैसी है पहेली हाय, कभी ये रुलाए, कभी ये हंसाए… इस... Read more »

1411 बाघ बचाने की मुहिम @ बाघ, ब्लॉगर, पारसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या…खुशदीप

देश में बाघ लगातार घट रहे हैं… देश में ब्लॉगर लगातार बढ़ रहे हैं… क्या घोर कलयुग है… क्या ये बढ़ते हुए ब्लॉगर घटते हुए बाघों के लिए कुछ नहीं कर सकते…... Read more »