हम आज़ाद हैं…63 साल से हम यही तो कहते आ रहे हैं…लेकिन क्या हम मुकअम्मल आज़ाद हो पा्ए…क्या आज़ादी के दिन हम एक दूसरे को वाकई बधाई देने के हक़दार हैं…देश के... Read more »
ज़िंदगी खूबसूरत है… @शर्तें लागू…(conditions apply) (साभार…शोभना, जोधपुर) Share on FacebookPost on X Read more »
महंगाई के दौर में एक रुपये में भरपेट बढ़िया खाना…सबक लें महंगाई के नाम पर संसद में हंगामा मचाने वाले नेता…सबक ले लाखों टन अनाज गोदामों में सड़ा देने वाली सरकार…लुधियाना का... Read more »
आज सुबह से तबीयत ढीली है…बुखार के साथ शरीर में हरारत है…इसलिए आज ज़्यादा लिखने की हिम्मत नहीं है…बस एक माइक्रोपोस्ट… मक्खन को अपने भाई टिल्लू का बरसों बाद पता चल गया…मक्खन... Read more »
क्रिएटिवटी कहीं भी मिल सकती है…लेकिन एडवरटाइज़िंग का तो पेशा ही क्रिएटिविटी का होता है…ये बेहतरीन कॉपीराइटिंग या विजुअल्स का ही नतीजा होता है कि हम किसी अनजान ब्रैंड को भी घर... Read more »
देश आजाद हुए 63 साल होने को आए…क्या कुछ बदला और क्या कुछ नहीं बदला… 9 अगस्त 1925 चलिए पहले ले चलता हूं आज से 85 साल पहले के काल में…देश के... Read more »
मक्खन और ढक्कन काम के साथ-साथ बातें भी कर रहे थे… मक्खन…मैं पिछले पांच महीने से नाइट स्कूल जा रहा हूं…अगले हफ्ते मेरा इम्तिहान है… ढक्कन…अच्छा… मक्खन शान बधारते हुए…वैसे, तू जानता... Read more »
और किसी का सम्मान हो गया, क्या आदमी वाकई इनसान हो गया… ये मेरी उस कविता की पहली दो पंक्तियां हैं जो मैंने सम्मान के ऊपर लिखी थी…कल रवींद्र प्रभात जी ने... Read more »
एक प्रवासी भारतीय (एनआरआई) न्यूयॉर्क सिटी में बैंक पहुंचा…वहा उसने लोन अधिकारी से संपर्क किया…साथ ही कहा कि वो बिज़नेस टूर पर दो हफ्ते के लिए भारत जा रहा है, इसलिए बैंक... Read more »
इससे पहले कि आप इस सवाल पर मेरी क्लास लेना शुरू कर दें, आपको पहले ही बता दूं कि आपको सावधान करने की ये तीसरी और आखिरी कड़ी है…दवाओं की बात हो... Read more »