श्रृंगार, हास्य, वीभत्स, रौद्र, शांत, वीर, भय, करुण, अद्भुत…यही नौ रस नाट्यशास्त्र का सत्व है…जीवन भी रंगमंच ही तो है…हम हर वक्त इनमें से किसी न किसी मुद्रा में होते हैं…मेरे लिए... Read more »
आज निर्मला कपिला जी की लघुकथा पढ़ी…मैं पहले भी कहता रहा हूं कि निर्मला जी को पढ़ने के बाद मुझे अमृता प्रीतम जी की कृतियों की याद आती है…इस लघुकथा में निर्मला... Read more »
आप कड़क हैं…आप विनम्र हैं…आप कड़क और विनम्र दोनों हैं…ठीक वैसे ही जैसे आप बैट्समैन-बॉलर हैं या बॉलर-बैट्समैन हैं…यानि आप कड़क-विनम्र हैं या विनम्र-कड़क हैं…आप सोच रहे होंगे कि कहीं आज शिवजी... Read more »
आज बात न कश्मीर की और न ही अयोध्या की…आज बात मसूरी की…कश्मीर पर बहस को मैं विराम दे रहा हूं…एक तो दिनेश राय द्विवेदी सर दो-तीन दिन के लिए ब्लॉग से... Read more »
कश्मीर पर कल मेरी पोस्ट पर जिन्होंने भी खुल कर अपनी बात रखी, मैं सभी का दिल से आभारी हूं…यहीं तो इस बहस का उद्देश्य है…ये ठीक है कि हमारी बहस से... Read more »
मेरी कोशिश रहती है कि जिन मुद्दों पर विवाद के आसार दिखते हैं, उनसे दूर ही रहा जाए…लेकिन कश्मीर पर बिना लिखे कुछ रहा नहीं जा रहा…कश्मीर में हिंसा और आक्रोश का... Read more »
क्या आप जानते हैं कि स्वतंत्र भारत के जनक महात्मा गांधी की तरह ही पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की जड़ें भी सौराष्ट्र (कठियावाड़) से हैं.. मोहम्मद अली जिन्ना के बारे... Read more »
दोस्ती का गणित- अच्छा दोस्त मैथ्स के ज़ीरो की तरह होता है, जिसकी अपनी कोई वैल्यू नहीं होती लेकिन जिस के साथ जुड़ जाए उसकी कीमत दस गुना बढ़ा देता है… दोस्ती... Read more »
ब्लॉगिंग की हर शह का इतना ही फ़साना है, इक पोस्ट का आना है, इक पोस्ट का जाना है… कहीं टिप्पणियों का टोटा, कहीं खजाना है, ये राज़ नया ब्लॉगर समझा है... Read more »
कल मुन्नी बदनाम पर पोस्ट लिखी…महफूज़ ने उस पोस्ट में कमेंट के ज़रिए बड़ा अच्छा वैल्यू एडीशन किया…ये जोड़कर कि उमर शरीफ़ ने 1992 में पाकिस्तानी फिल्म फिल्म मिस्टर चार्ली में कव्वाली... Read more »