ब्लॉगिंग, सामाजिक सरोकार, छत्तीसगढ़ भवन बैठक…खुशदीप

तारीख- 19 दिसंबर 2010 जगह- दिल्ली के चाणक्यपुरी में छत्तीसगढ़ भवन वक्त- शाम छह बजे से नौ बजे रात छत्तीसगढ़ भवन नाम ही काफ़ी है…देश में सबसे बड़ा ब्लॉगगढ़ अगर कहीं है तो... Read more »

मुर्गे को गुस्सा क्यों आता है…खुशदीप

क्या मुर्गे को भी गुस्सा आता है…क्यों जनाब मुर्गे को गुस्सा नहीं आ सकता क्या…लीजिए फिर अपनी आंखों से ही देखिए… Share on FacebookPost on X Read more »

मां के हाथों की झुर्रियां और छाले…खुशदीप

पढ़ाई पूरी करने के बाद टॉपर छात्र बड़ी कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा…. छात्र ने पहला इंटरव्यू पास कर लिया…फाइनल इंटरव्यू डायरेक्टर को लेना था…डायरेक्टर को ही तय करना था... Read more »

गधा काम का, कुत्ता बस नाम का…खुशदीप

कभी किसी गधे को ध्यान से देखिएगा…वाकई उसके जैसा भोला, शरीफ़ और दीनहीन आपको और कोई प्राणी नहीं दिखेगा…गधे पर पिछले साल 20 दिसंबर को एक पोस्ट लिखी थी…आज फिर किसी ने गधे... Read more »

नीरा राडिया के बारे में जो आप नहीं जानते…खुशदीप

पप्पू, मुन्नी, शीला के गानों ने हक़ीक़त में जितने पप्पू, मुन्नी, शीला है, बिना बात उनकी नाक में दम कर दिया…कई बार असल ज़िंदगी में भी कुछ लोग इतने बड़े खलनायक या... Read more »

मंदिर में लड़कियों-महिलाओं के प्रवेश पर रोक क्यों…खुशदीप

मैं नहीं जानता कि हिंदी ब्लॉग पर पहले ये मुद्दा कभी उठा है या नहीं…लेकिन मुझे इसमें व्यापक विमर्श की संभावना दिख रही है…ये मुद्दा एक मंदिर में भगवान की मूर्ति को... Read more »

बेचारा मर्द…खुशदीप

आज आपको इस माइक्रोपोस्ट से यक़ीन हो जाएगा कि मर्द बेचारे कितने बेचारे होते हैं… मसलन… अगर औरत पर हाथ उठाये तो : ज़ालिम औरत से पिट जाये तो  : बुज़दिल चुप... Read more »

मेरे जीवन के दो सबसे अनमोल घंटे…खुशदीप

हमने देखी है, उन आंखों की महकती खुशबू, हाथ से छूके इसे, रिश्तों का इल्जाम ना दो, सिर्फ एहसास है ये, रूह से इसे महसूस करो… आज गाने की  ये पंक्तियां सतीश... Read more »

‘मूर्ख’ को भारत सरकार सम्मानित करेगी…खुशदीप

अब जितने भी तथाकथित बुद्धिजीवी है, उन्हें इस शीर्षक ने ज़रूर कचोटा होगा…शायद लबों से ये गीत भी निकल गया होगा…हाय राम, मूर्खों का है ज़माना…अब जिन ‘मूर्ख जी’ का यहां उल्लेख... Read more »

नाम में क्या रखा है, ज़रा इन दो बहनों से पूछिए…खुशदीप

नाम में क्या रखा है…मरहूम शेक्सपीयर चचा आज ज़िंदा होते, फिर ये बात कह कर देखते…नाम में क्या रखा है, ये जानना है तो ठाणे की दो सगी बहनों से पूछो…ये दोनों... Read more »