कलाम, सचिन, रहमान में क्या कॉमन…खुशदीप

एपीजे अब्दुल कलाम, सचिन तेंदुलकर, ए आर रहमान…इन तीनों में क्या समानता है…तीनों अपने-अपने फील्ड में बेजोड़…फिर भी तीनों डाउन टू अर्थ…हमेशा अच्छा परफॉर्म करने की ललक…विवादों से कोसों दूर… डॉ कलाम... Read more »

बुढ़ापे की रईसी…खुशदीप

सिर्फ पैसा ही आपको अमीर नहीं बनाता… उम्र का बढ़ना भी आपको अमीर बनाता रहता है… अब आप कहेंगे, वो कैसे भला…उम्र के साथ तो डॉक्टर का खर्च बढ़ता जाता है…ये तो... Read more »

जीने के फंडे विजय माल्या स्टाइल…खुशदीप

पोस्ट पढ़ने से पहले दो बातें… पहली वैधानिक चेतावनी…अल्कोहल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है… दूसरा मेडिकली टेस्टेड फॉर्मूला…हंसना स्वास्थ्य के लिए अति लाभदायक है… अब इन दोनों बातों को ध्यान... Read more »

क्या-क्या हो सकता है काले-धन से…खुशदीप

कल की पोस्ट में जो ज़िक्र किया था, उस पर आने से पहले छोटा सा एक किस्सा…. एक अखबार ने जाने-माने नेता को चोर बता दिया… अखबार पर मानहानि का मुकदमा हो... Read more »

आपकी-हमारी गाढ़ी कमाई पर डाका (किस्त-1)…खुशदीप

पहले इन दो सुर्खियों पर नज़र डाल लीजिए… सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सीधा सवाल किया है कि उसे विदेशी बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों के बारे में जानकारी देने में... Read more »

लो, पप्पू सीख गया राजनीति…खुशदीप

पप्पू का अगले दिन राजनीति शास्त्र का पेपर था…अपने पापा से बोला, मुझे राजनीति सिखाओ… अब पूरे साल पप्पू पढ़ा नहीं…पापा परेशान…ऐन टाइम पर इसे कैसे सिखाऊं…तब भी पापा ने कोशिश की…सोचा... Read more »

पाकिस्तान को प्रमोट करने के लिए टैगलाइन…खुशदीप

क्रिएटिविटी कहीं भी हो चुंबक की तरह अपनी ओर खींच ही लेती है…क्रिएटिविटी का चुटकियों में लोहा मनवाना हो तो एडवरटाइज़िंग की दुनिया से बेहतर और कुछ नहीं…ये कॉपीराइटिंग या विज़ुअल्स का... Read more »

हमारा पारा हाई क्यों रहने लगा है…खुशदीप

दिल्ली के पॉश इलाके खान मार्केट में कारों की मामूली भिड़ंत के चक्कर में मंगलवार को एक होटल के युवा मैनेजर की जान चली गई…कारों को मामूली खरोच जैसा ही नुकसान हुआ... Read more »

इसे पढ़कर शायद ही आप भूल पाएं…खुशदीप

आपका छोटा सा भी जज़्बा दूसरों के लिए क्या कर सकता है…एक टैक्सी ड्राइवर की आपबीती से जानिए… द कैब ड्राईवर… मैं बताए हुए पते पर पहुंचा…एक बार टैक्सी का हॉर्न बजाया…कुछ... Read more »

ब्लॉगिंग का रजनीकांत…खुशदीप

ऐसा ब्लॉगर कौन हो सकता है…छह महीने-साल में एक पोस्ट लिखे…और पूरा साल चर्चा का विषय बना रहे…यहां तो हमेशा डर लगा रहता है कि भइया रोज़ कुछ नया न दिया तो... Read more »