विगत 4 फरवरी को समीर लाल जी के कनाडा लौटने से पहले दिल्ली में उनसे मिलने के लिए कनॉट प्लेस में कई ब्लॉगर जुटे थे…लेकिन मेरे साथ वहां एक ऐसे शख्स भी... Read more »
वसंत पंचमी पर बस आज मलिका पुखराज और उनकी बेटी ताहिरा सैयद की पुरकश आवाज़ में खो जाइए, मेरी तरह…यकीन नहीं आता तो सुनिए, वसंत का जादू आपके भी सिर चढ़ कर... Read more »
ये कोई मीट-वीट नहीं थी…समीर जी से मिलने का बस बहाना था…लेकिन जो मौका-ए-दस्तूर था, वहां सीमित जगह और व्यवस्था का कसूर था कि चाह कर भी हर किसी को न बुला... Read more »
सदियों की ठंडी बुझी राख़ सुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है, दो राह, समय के रथ का घर्घर नाद सुनो, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है… राष्ट्रकवि रामधारी... Read more »
एक लड़की अपने पिता के साथ कार ड्राइव कर रही थी… रास्ते में आंधी-तूफ़ान आ गया…लड़की ने पिता से पूछा…क्या करना चाहिए… पिता का जवाब था…ड्राइव करती रहो… इस बीच और कारें... Read more »
इस पोस्ट का संदेश शायद आप तक पहले भी ई-मेल, एसएमएस या किसी अन्य माध्यम से पहुंच चुका होगा…लेकिन जिन तक नहीं पहुंचा, उन्हें भी इसके बारे में अवश्य पता होना चाहिए…... Read more »
ये पोस्ट जिस वक्त लिख रहा हूं, बीबीसी न्यूज़ से मिल रही ख़बरों के मुताबिक काहिरा की सड़कों पर ज़बरदस्त संघर्ष चल रहा है…मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के समर्थक बदलाव की... Read more »
आज के प्रोफेशनल माहौल में काम करना, वो भी परफार्मेंस के साथ कोई आसान काम नहीं है…ऐसी ही एक लड़की काम के प्रैशर से तनाव में थी…छुट्टी में मां के पास घर... Read more »
कल की पोस्ट से आगे… लता मंगेशकर का गायन… ए आर रहमान का संगीत… सचिन तेंदुलकर की बैटिंग… ये जब लय में बहते हैं तो सब कुछ इनके साथ बहता है…एफर्टलेस…ऐसा लगता... Read more »
पिछली पोस्ट से आगे… समीर जी की उपन्यासिका देख लूँ, तो चलूँ पर कुछ लिखूं, इससे पहले ही बता दूं कि इस किताब में एक अंश पढ़कर इतना हंसा, इतना हंसा कि... Read more »