Victory of New Media…ये न्यू मीडिया की जीत है…खुशदीप

राजनीतिक पार्टियां हलकान है्ं… क्राउड मैनेजमेंट करने वाली कंपनियां हैरान हैं… रिसर्च हो रही हैं कि आखिर अन्ना हजारे के अनशन के दौरान इतना जनसमर्थन जुटा तो जुटा कैसे… राजनीतिक रैलियों के... Read more »

जनता या मंदिर का घंटा, जो चाहे आकर बजा दे…खुशदीप

नेता…हम जनता के नुमाइंदे हैं… सिविल सोसायटी- हम जनता के नुमाइंदे हैं… नेता…विरोधी कुछ भी कहें, हमें जनता चुन कर भेजती है.. सिविल सोसायटी…सरकार, नेता कुछ भी कहें, हम जनता की असली... Read more »

KBL…कौन बने लोकपाल, आप भी सुझाइए नाम…खुशदीप

KBC की तर्ज पर KBL… KBC नॉलेज के सूरमाओं को करोड़पति बनाता था… KBL का विचार ऐसे देश को बनाने का है जो आज़ादी के 63 साल बाद भी दुर्भाग्य से नहीं... Read more »

बुल्ला कि जाने असीमा कौन…खुशदीप

मैं कौन हूं…मैं असीमा हूं…इस सवाल की तलाश में तो बड़े बड़े भटकते फिरते हैं…फिर चाहे वो बुल्लेशाह हों-बुल्ला कि जाना मैं कौन..या गालिब हों…डुबोया मुझको होने ने…ना होता मैं तो क्या... Read more »

राज जी ने राज़ न रहने दिया…खुशदीप

शुरू करूं इससे पहले ज़रा ये एड देख लीजिए… अब आप भी मान लीजिए, कोई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म देखने गए हैं…फिल्म में एक हत्या को लेकर छह-सात लोगों पर शक जाता है... Read more »

ये कुदरत का करिश्मा या कुछ और…खुशदीप

आज मुझे ई-मेल से मिली ये अद्भुत फोटो देखिए…बस पोस्ट में आज इतना ही…इसके बारे में कल जो आपको बताऊंगा, वो वाकई चौंकाने वाला होगा… Share on FacebookPost on X Read more »

ब्लॉगरों से अख़बारों की चोट्टागिरी…खुशदीप

छपास का रोग बड़ा बुरा, बड़ा बुरा, माका नाका गा भाई माका नाका, ऐसा मेरे को मेरी  मां  ने कहा, माका नाका नाका भाई माका नाका… ब्लॉगिंग में हम पोस्ट चेप चेप... Read more »

अन्ना, अंधभक्ति और राजनीति…खुशदीप

अन्ना के अन्दर लोगों ने असली गांधी देख लिया है, उनका निष्पाप जीवन दधीचि की याद दिलाता है जिसने अपनी हड्डियां, राक्षसों से किये जाने वाले युद्ध के लिये वज्र बनाने के... Read more »

अन्ना से मेरे दस सवाल…खुशदीप

जिसका अंदेशा था, वही हुआ…जंतर-मंतर पर जली लौ से जो उम्मीद जगी थी, वो लड़ाई की शुरुआत में ही टिमटिमाने लगी है…अन्ना की ईमानदारी और मंशा को लेकर मुझे कोई शक-ओ-शुबहा नहीं... Read more »

धोनी से साक्षी नाराज़ ?…खुशदीप

अन्ना हजारे ने साफ़ कर दिया है कि 15 अगस्त तक लोकपाल बिल संसद में पेश नहीं हुआ तो जंतर-मंतर पर फिर देश का मेला लग जाएगा…तब तक इंतज़ार करते हैं कि ऊंट... Read more »