क्या लिखूं, क्यों लिखूं…खुशदीप

ब्लॉगिंग करते इक्कीस महीने हो गए…ख़ूब डूब कर ब्लॉगिंग की…रोज़ कोई न कोई बहाना मिलता ही रहा आप सबको पकाने का…मीडिया में हूं, इसलिए लिखने को दीन-दुनिया के मुद्दे मिलते ही रहते... Read more »

यू.एस.ए.बॉर्न इन यू.एन…खुशदीप

गुरुदेव समीर लाल जी की आज पोस्ट द सर्टिफाइड साहित्यकार- (हि.) पढ़ी…बड़े दिनों बाद गुरुदेव ने गु.गु. कर पे.में.ब. डाल देने वाली रचना लिखी है… वाकई डिग्रियों के शार्टकट की महिमा अपरम्पार... Read more »

राजनीति का चंडूखाना और रामदेव विलाप…खुशदीप

कई तस्वीरें एक साथ उभरीं…रामलीला मैदान के मंच पर किसी ओलंपिक स्प्रिंटर की तरह पहले कूद-फांद करते और फिर हरिद्वार में विलाप करते बाबा रामदेव…दिल्ली के राजघाट पर सत्याग्रह के दौरान ठुमके... Read more »

राजनीति का अन्ना युग नहीं, बाबा काल…खुशदीप

बाबा रामदेव की बम बम है…रामलीला मैदान चकाचक है…सरकार दंडवत है…संघ परिवार संग-संग है…भई मानना पड़ेगा बाबा जी के प्रताप को…हर एक को साधने की कला जानते हैं…अपने ब्रैंड को प्रमोट करना... Read more »

वो दुनिया की ‘टॉप 100 सेक्सी महिलाओं’ में, लेकिन है मर्द…खुशदीप

आज मिलिए आंद्रेज पेजिक से…दुनिया की ‘टॉप 100 सेक्सी महिलाओं’ में 98वीं पायदान पर आंद्रेज़ का नाम है…आप सोच रहे होंगे कि इसमें विचित्र क्या है…98वीं पायदान पर आकर कौन सा तीर मार... Read more »

भविष्य की ख़बरें आज ही जानिए…खुशदीप

आदमी को अपना आने वाला कल जानने की बड़ी इच्छा होती है…अब ये इच्छा ही उसे ज्योतिषियों के द्वार पर ले जाती है…लेकिन हर कोई तो पॉल बाबा (ऑक्टोपस) की तरह सटीक... Read more »

वी वान्ट कंसेशन फॉर कसाब…खुशदीप

ओसामा बिन लादेन ने मरहूम होने के बाद ज़रूर अपने को कोसा होगा, काश भारत में ही जाकर किसी जेल में बंद होता…कबाब-बिरयानी खाने को अलग मिलते…भारत सरकार के पैसे पर हिफ़ाज़त... Read more »

कॉमेडी ऑफ टेररस…खुशदीप

लिस्ट तो लिस्ट है…ठीक वैसे ही जैसे कभी धर्मेंद्र की फिल्म रखवाला का गाना बड़ा हिट हुआ था…दिल तो दिल है… हां तो जनाब मैं बात कर रहा था उस लिस्ट की... Read more »

सतीश सक्सेना: ब्लॉगिंग के दिलीप कुमार…खुशदीप

फिल्म इंडस्ट्री में दिलीप साहब से ऊंचा वकार ( कद) किसी का नहीं है…अदाकारी की यूनिवर्सिटी कोई है तो वो सिर्फ और सिर्फ दिलीप कुमार ही हैं…आज भी जब खाली होता हूं तो कोशिश... Read more »

औरत की बोली…खुशदीप

 मेरठ रहता था…बचपन, पढ़ाई, किशोरावस्था में यारों के साथ धमाल…उम्र के साथ सब छूटता गया…शहर भी…मस्तमौला अंदाज़ भी…मेरठ में ही जवानी की दहलीज पर कदम रखा…शहर के जिस हिस्से आबू लेन में... Read more »