माई नेम इज खुशदीप एंड आई एम नॉट ए कांग्रेसमैन… माई नेम इज ख़ान एंड आई एम नॉट ए टेररिस्ट…शाहरुख ख़ान के इस डॉयलॉग ने ही उनकी फिल्म माई नेम इज़ ख़ान... Read more »
तारीख…31 अगस्त 2011 स्थान… वीमेंस प्रेस क्लब, कनाट प्लेस, दिल्ली मौका…शिखा वार्ष्णेय के दिल्ली में होने पर छोटा सा गेट-टूगैदर खास बात…विलायत की पंक्चुएलिटी का पालन करते हुए शिखा निर्धारित टाइम साढ़े... Read more »
एक मेल के ज़रिए पढ़ने को मिला कि टाइटन इंडस्ट्री में कार्यरत सुवेंदु राय को मुंबई में ऑटो की सवारी करते हुए कैसा अनुभव हुआ..सुवेंदु अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अंधेरी... Read more »
धोनी के धुरंधरों ने टेस्ट में लुटिया डुबोई…नंबर तीन पर लुढ़के…अब टी-20 में चारों खाने चित…वन डे सीरीज में वर्ल्ड चैंपियनों का इंग्लैंड ये हाल करे, उससे पहले डंकन फ्लैचर को हटा... Read more »
पता नहीं क्या गड़बड़ी हुई कि डॉ अमर कुमार को समर्पित ब्लॉग पर रश्मि रवीजा की भेजी टिप्पणी के आधार पर पोस्ट डाली…लेकिन वो न तो मेरे ब्लॉग के लिंक पर खुल... Read more »
अगर कोई क़ानूनी पेंच और न फंसा तो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के तीन दोषियों- मुरुगन, संथन और पेरारिवालान को अगली 9 सितंबर को फांसी के तख्ते पर लटका दिया... Read more »
एचटी टीम ने ब्रैंड अन्ना के क्लिक करने पर बड़ी अच्छी स्टडी की है…मार्केटिंग से जुड़े किसी भी शख्स के लिए ये बड़ी उपयोगी साबित हो सकती है… प्रोडक्ट…चार दशक से... Read more »
बहस नहीं अहसास है, चाहिए थोड़ी सी सांस है, संसद है बहुत दूर, आनी चाहिए अब पास है… आज… अन्ना…अनशन…सिविल सोसायटी…लोग…आंदोलन…संघर्ष…मीडिया…जनतंत्र…लोकतंत्र…भ्रष्टतंत्र…जनता सुप्रीम…संसद सर्वोच्च…संविधान की भावना…सत्ता-पक्ष…विपक्ष…सर्वसम्मति…प्रस्ताव…इतिहास…जीत…जश्न… कल… स्टैंडिंग कमेटी…विचार…तकरार…बिल…क़ानून…लोकपाल… परसो… हर कोई ईमानदार…भ्रष्टाचार मुक्त... Read more »
प्रिय ब्लॉग मित्रों, डॉ अमर कुमार नहीं रहे…ये हक़ीक़त है…लेकिन दिल इसे मानने को तैयार नहीं…मौत को भी ज़िंदादिली सिखा देने वाले शख्स को आखिर मौत कैसे हरा सकती है…कैसे ले जा... Read more »