लोकपाल है चंदा मामा दूर के…खुशदीप

एक तारा बोले तुन तुन, क्या कहे ये तुमसे सुन सुन, एक तारा बोले, तुन तुन तुन तुन तुन, बात है लम्बी मतलब गोल, खोल न दे ये सबके पोल, तो फिर... Read more »

क्या होता है बॉक्सिंग डे…खुशदीप

26  दिसंबर यानि बॉक्सिंग डे को हम भारत में ज़्यादातर लोग इसलिए जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में इस दिन हर साल क्रिकेट टेस्ट मैच शुरू होता है…जैसे कि सोमवार से भारत और... Read more »

सांपला, ब्लॉगर मीट, अन्ना भाई…खुशदीप

अविनाश वाचस्पति भाई को यूहीं ब्लॉगिंग का अन्ना भाई नहीं कहा जाता…आज अन्ना भाई ने जो कारनामा कर दिखाया है वो बड़े से बड़ा तीसमारखां रिपोर्टर भी नही कर सकता…अविनाश भाई दिल्ली... Read more »

अन्ना की पूरी कहानी, एक तस्वीर की ज़ुबानी…खुशदीप

अन्ना का नया रण…. 27 से अनशन का मुंबई संस्करण… मिल ही गया MMRDA का मैदान… बस करना पड़ेगा मोटा भुगतान… 30 से जेल भरो का फ़रमान… सोनिया-राहुल के घर के बाहर भी... Read more »

बुल्ला कि जाणां मैं कौन…खुशदीप

बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो, बुल्ले शाह ये कहता, पर प्यार भरा दिल कभी ना तोड़ो, जिस दिल में दिलबर रहता… बचपन में जब भी ये गाना सुनता था तो सोचा करता था... Read more »

डॉन-2 से 200 करोड़ हर्जाने की मांग…खुशदीप

33 साल पहले आई अमिताभ बच्चन की फिल्म डॉन आज भी ज़ेहन में बसी हुई है…साथ ही ये डॉयलाग भी…डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है या डॉन का इंतज़ार तो ग्यारह... Read more »

टॉयलेट गुमा रे बुराड़ी के बाज़ार में…खुशदीप

दिल्ली के एक टॉयलेट की प्रतीकात्मक फोटो …… झुमका गिरा रे बरेली के बाज़ार में तो आपने सुना होगा लेकिन टॉयलेट गुम हो जाए दिल्ली के बुराड़ी के बाज़ार में...पढ़ने में कुछ... Read more »

नैतिकता के आइने में स्पर्म डोनेशन…खुशदीप

कभी जो टैबू विषय माने जाते थे, अब उन पर चुन चुन कर बॉलीवुड फिल्में बनाने लगा है…ऐसा ही विषय है स्पर्म डोनेशन (शुक्राणु दान)…इस विषय पर दो फिल्में हैं…एक है वीजे... Read more »

ये तस्वीर हम सब के मुंह पर तमाचा है…खुशदीप

दिल्ली के ओखला रेलवे स्टेशन के बाहर 19 साल की माधुरी और उसके दो महीने के बच्चे की ये तस्वीर हम सबके मुंह पर तमाचा है…हम जो कि बड़ी बड़ी बाते करते... Read more »

STUDIOUS STUDENT BECAME NAUGHTY

The newly given topic for Indiblogger contest  immediately refreshed memories of my college days in Eighties..In those days, I was very much concerned about my reputation of studious and serious student…Once my... Read more »