पढ़ाई के तरीके बदल रहे हैं…अब उन तरीकों से बच्चों को पढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है जिन्हें वो आसानी से समझ सकें…जैसे बच्चा-बच्चा और किसी को पहचानता हो या न... Read more »
सर्जरी हो गई है…गाल ब्लैडर रिमूव करने के साथ जिन दो स्टोन्स ने पिछले तीन महीने से परेशान कर रखा था, वो भी निकाल दिए गए हैं…सर्जरी के बाद पिछले पांच दिन... Read more »
जो सत्ता में है वो पिता जी की जागीर समझ कर देश पर राज कर रहे हैं…रोज़ आम आदमी की जेब एक बिलांग छोटी करते जा रहे हैं…यूपीए सरकार टू-जी का... Read more »
तस्लीम और परिकल्पना के सहयोग से लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन संपन्न हुआ…इस आयोजन के लिए भाई रवींद्र प्रभात और भाई ज़ाकिर ने महीनों अथक मेहनत की, जिसके लिए वो साधुवाद के... Read more »
आजकल कुछ लिखने की इच्छा नहीं होती…नेट खोलता भी हूं तो बस न्यूज़ के लिए और ई-मेल चेक करने के लिए…मुझे खुद ही समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्यों हो गया है मेरे... Read more »
कोई दोस्त है न रक़ीब है, तेरा शहर कितना अजीब है [ रक़ीब = दुश्मन ] वो जो इश्क़ था वो जुनून था, ये जो हिज्र है ये नसीब है [ हिज्र... Read more »
जो 65 साल में नहीं हुआ, वो अब तीन साल में होगा….जंतर मंतर पर राजनीतिक विकल्प देने का ऐलान करते हुए अन्ना हज़ारे… (ये सुनना है तो इस वीडियो... Read more »
बचपन में दो साल की उम्र की धुंधली यादों में मुझे , २० वर्षीया उर्मिला दीदी की गोद आती है जो मुझे अपनी कमर पर बिठाये, रामचंदर दद्दा अथवा प्रिम्मी दद्दा के... Read more »
अच्छे ईसा हो मरीज़ों का ख़याल अच्छा है, हम मरे जाते हैं तुम कहते हो हाल अच्छा है… उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक, वो समझते हैं के... Read more »
आपने अपने हिंदी ब्लॉग को एलीट, अभिजात्य, कुलीन, संभ्रात, विद्वत ब्लॉगरों से मान्यता दिलानी है, तो आपको अपने लेखन में आमूल-चूल परिवर्तन करने होंगे…सबसे पहले आपको लेखन की इस तरह की शैली... Read more »