गडकरी आ गएओ, रंग चोखा आवे न आवे, बीजेपी को भी कोनी पता…खुशदीप

बीजेपी की जो हालत है, उसे देखकर एक बार फिर अपना एक पुराना हरियाणवी किस्सा सुनाने का मन कर रहा है…हरियाणा में एक लड़की छत से गिर गई…भीड़ इकट्ठी हो गई…कोई कहने... Read more »

अपुन गधे ही भले…खुशदीप

एक दिन पहले मैंने स्लॉग ओवर में ललित शर्मा भाई की ओर से गधे को लेकर किए गए मास्टरस्ट्रोक का ज़िक्र किया था…उसी पोस्ट पर मुझे महफूज़ अली की टिप्पणी मिली थी... Read more »

ब्लॉगिंग का फीलगुड…खुशदीप

मुझे महसूस हो रहा है…शायद आपको भी हो रहा हो…न जाने क्यों मुझे लग रहा आने वाला साल हिंदी ब्ल़ॉगिंग के लिए कई खुशियां लेकर आने वाला है…इसकी सुगबुगाहट शुरू भी हो... Read more »

अपने तो अपने होते हैं…खुशदीप

ब्लॉगिंग का फीलगुड पोस्ट पाइपलाइन में पड़ी हैं…एक दिन पहले ब्रॉडबैंड महाराज की वजह से उस पोस्ट का बैंड बज गया था…सोच रहा हूं शनिवार को छुट्टी है…इसलिेए कल देर रात तक... Read more »

“हम क्यों नहीं मरते”…खुशदीप

संसद से सड़क तक महंगाई का शोर है…एक दिन पहले…कांटा लगा, हाय लगा…में मैंने कोशिश की थी ये बताने कि महंगाई की जड़ कहां है…आज उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बताता... Read more »

इंसान का सर्प धर्म…खुशदीप

मैं आज ब्लॉगिंग के फील गुड पर पोस्ट लिख रहा था…बस फाइनल टच दे रहा था कि ब्रॉडबैंड ने धोखा दे दिया और जो लिखा था वो सेव न होने की वजह... Read more »

कांटा लगा, हाय लगा…खुशदीप

आज बात उस कांटे की जो इन दिनों भारत के हर आम आदमी को लगा हुआ है..ये है महंगाई का कांटा…हमको भी महंगाई ने मारा…तुमको भी महंगाई ने मारा…इस महंगाई को मार... Read more »

सांप हंस रहा है…खुशदीप

ट्रकों के पीछे गोल्डन वाक्य लिखे तो आपने भी कभी न कभार ज़रूर देखे होंगे…अक्षय कुमार को उनकी सुपरहिट फिल्म सिंह इज़ किंग का टाइटल भी एक ट्रक के पीछे लिखा हुआ... Read more »

मेरी परेशानी दूर कीजिए…खुशदीप

आज मैं ये माइक्रो पोस्ट अपनी एक परेशानी दूर करने के लिए लिख रहा हूं…ये छोटा सा सवाल कई बार मेरे सामने आता रहता है…और ऐसा एक बार भी नहीं हुआ जब... Read more »

टेढ़ा है पर मेरा है…खुशदीप

बुधवार से मन बड़ा खराब चल रहा है…वजह है हमारा बजाज…टेढ़े बजाज का खटारा खटराग…लोगबाग बेशक उसे स्कूटर कहने की गुस्ताखी करते हैं लेकिन हमारे लिए तो वो अश्वराज चेतक से कम... Read more »