बहू की ताकत…खुशदीप

बहुओं की ताकत अपरम्पार है…सियासी ख़ानदान भी इससे अलग नहीं है…पति के लिए वोट जुटाने को दिन-रात एक करती पत्नियों को आपने देखा होगा…खुद सियासत में न भी हो लेकिन हमेशा उसी... Read more »

अच्छी पत्नियां कहां मिलती हैं…खुशदीप

बताऊंगा, बताऊंगा…इतनी जल्दी भी क्या है…जिसे जल्दी है वो पोस्ट के आखिर में स्लॉग ओवर में अच्छी पत्नियों को ढूंढ सकता है…अब ढूंढते ही रह जाओ तो भइया मेरा कोई कसूर नहीं... Read more »

तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख….खुशदीप

नब्बे के दशक में एक फिल्म आई थी- दामिनी…फिल्म में सनी देओल वकील की भूमिका में थे…सनी देओल का फिल्म में एक डॉयलॉग बड़ा हिट हुआ था…मी लॉर्ड, मुवक्किल को अदालत के... Read more »

आओ राजनीति सिखा दूं…खुशदीप

कौन कहता है राजनीति सीखना बड़ा मुश्किल है…बरसों पापड़ बेलने के बाद राजनीति में पहुंची चीज़ बनने के दिन गए…इंस्टेंट ज़माना है…तो इंस्टेंट ही रिज़ल्ट चाहिए…लीजिए जनाब आज एक ऐसा रामबाण नुस्खा... Read more »

मक्खनी का बदला…खुशदीप

स्लॉग ओवर में आज मक्खनी का मक्खन से बदला…लेकिन पहले कुछ गंभीर बात…कौन कहता है इस देश का कुछ नहीं हो सकता…हो सकता है जनाब…जब कोने कोने से अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़... Read more »

एक थी रुचिका, एक है राठौर…खुशदीप

मैं रुचिका हूं…आज मैं आपके बीच होती तो 33 साल की होती…अपना घर बसा चुकी होती…शायद स्कूल जाने वाले दो बच्चे भी होते…लेकिन मुझे इस दुनिया को छोड़े सोलह साल हो चुके... Read more »

पुरुष नर्स को नर्सा क्यों नहीं कहते…खुशदीप

जी हां, कल डॉक्टर अरविंद मिश्र की पोस्ट बड़ी चर्चित रही….जैसे अदाकारा ,शायरा वैसे ब्लागरा/चिट्ठाकारा क्यों नहीं?...ब्लॉगर बिरादरी ने खुल कर इस पर अपनी राय रखी…डॉक्टर साहब के मुताबिक एक मोहतरमा ने... Read more »

हाथी की सवारी गांठती चींटी…खुशदीप

जी हां, स्लॉग ओवर में आज आपकी मुलाकात हाथी पर रौब गांठती चींटी से कराऊंगा…लेकिन पहले आपको मेरे एक सवाल का जवाब देना होगा…बताइए कि इस मंहगाई के दौर में देश में... Read more »

मिलिए मल्लू आंटी से…खुशदीप

आज स्लॉग ओवर में मैं आपको एक मल्लू यानि मलयाली आंटी से मिलवाऊंगा…कैसे आंटी ने सेक्रेट्री के जॉब के लिए इंटरव्यू का सामना किया…लेकिन उससे पहले कुछ गंभीर बात…कल राजनीति पर मेरी... Read more »

क्या आप टीना फैक्टर जानते हैं…खुशदीप

सब चलता है…बस अपना काम चलाओ, प्रभु के गुण गाओ…कमोवेश यही मनोस्थिति हम सब की है…हम झल्लाते हैं, गरियाते हैं, गुस्साते हैं, दांत भींचते हैं…फिर ये कह कर शांत हो जाते हैं... Read more »