एक शराबी टुन्न होकर घर लौट रहा था…रास्ते में मंदिर के बाहर एक पुजारी दिखाई दिए… शराबी ठहरा शराबी, पुजारी से ही पंगा लेने को तैयार…पूछ बैठा…सबसे बड़ा कौन ? पुजारी ने... Read more »
कल मैंने काफ़ी के कप पेश किए थे…पता नहीं किसी सज्जन को काफ़ी का टेस्ट इतना कड़वा लगा कि उन्हें बदहजमी हो गई…शायद उस सज्जन ने ठान लिया था कि मुझे कॉफी... Read more »
एमबीए छात्रों का एक बैच पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने अपने करियर में अच्छी तरह सैटल हो गया…एमबीए कॉलेज में फंक्शन के दौरान उस बैच के सारे छात्रों को न्योता दिया... Read more »
मरहूम शेक्सपीयर चचा क्या खूब कह गए हैं…नाम में क्या रखा है…वाकई नाम में क्या रखा है…आइडिया का एक एड आता है जिसमें इनसानों को नाम से नहीं बस नंबर से याद... Read more »
कुछ लोग कामयाब होने के बस ख्वाब बुनते हैं… कुछ नींद से जागते हैं और दिन रात एक कर देते हैं… फिर एक दिन कामयाबी खुद उनके कदम चूमती है… स्लॉग... Read more »
एक बटा दो, दो बटे चार, छोटी छोटी बातों में बंट गया संसार… नहीं नहीं, मैं बीमारी का झटका सह कर इतना भी मक्खन नहीं हुआ कि बाबाओं की तरह आपको उपदेश... Read more »
ये पोस्ट तो नहीं है, लेकिन जर्मनी का लैपटॉप का ऐसा कॉन्सेप्ट है कि आपको भी देख कर मज़ा आ जाएगा..इसलिए आपको दिखाने के लोभ से खुद को बचा नहीं पा रहा... Read more »
ये उन दिनों की बात है जब हम मेरठ के गवर्मेंट इंटर कॉलेज के होनहार (?) छात्र हुआ करते थे…पढ़ा क्या करते थे, एक जैसी सोच वाले हम कुछ मस्तमौलाओं ने चांडाल... Read more »
सबसे पहले तो मैं आभारी हूं आप सब का… जी के अवधिया, एम वर्मा, विवेक रस्तोगी, ललित शर्मा, संगीता स्वरूप, सुरेश चिपलूनकर, काजल कुमार, सतीश सक्सेना, अविनाश वाचस्पति, अजित गुप्ता, मो सम... Read more »
नहीं, नहीं मैं कहीं टंकी-वंकी पर चढ़ने नहीं जा रहा…क्योंकि आप उतरने को कहोगे तो शोले के सांभा की तरह मेरे घुटने दर्द करेंगे…आखिर उम्र का भी तकाजा है…इसलिए अपने लिए बीच... Read more »