ब्लॉगवाणी, सुन ले अर्ज़ हमारी…खुशदीप

ज़रा सामने तो आओ छलिए, छुप-छुप छलने में क्या राज़ है, यूं छुप न सकेगा परमात्मा, मेरी आत्मा की ये आवाज़ है… सोच रहे होंगे, क्यों सुना रहा हूं आपको ये गाना…अब... Read more »

आदमी में गधा, कुत्ता और बंदर…खुशदीप

भगवान ने गधा बनाया और उससे कहा… तुम गधे रहोगे…सूरज उगने से लेकर डूबने तक पीठ पर बोझ उठाने का काम करोगे…वो भी बिना थके…खाने में तुम्हे घास मिलेगी…तुम में बुद्धि जैसी... Read more »

क्या आसान, क्या मुश्किल-2…खुशदीप

जीत की खुशी का इज़हार करना आसान होता है… हार को गरिमा के साथ स्वीकारना बहुत मुश्किल… हर रात सपना देखना आसान होता है… सपने को पूरा करने के लिए संघर्ष बहुत... Read more »

क्या आसान, क्या मुश्किल-1…खुशदीप

टेलीफोन डायरेक्टरी में जगह बनाना आसान होता है… किसी के दिल में जगह बनाना बहुत मुश्किल… दूसरों की गलतियां निकालना आसान होता है… अपनी गलतियों की पहचान करना बहुत मुश्किल… जिन्हें आप... Read more »

क्रोध अनलिमिटेड…खुशदीप

एक शख्स अपनी नई कार को पॉलिश से चमका रहा था…तभी उसके चार साल के बेटे ने एक नुकीला पत्थर उठा कर कार पर कुछ उकेर दिया…शख्स ने नई कार का ये... Read more »

ये महफ़िल मेरे काम की नहीं…खुशदीप

गोल्ड एफएम पर आज हीर रांझा का एक गीत सुना…कैफ़ी आज़मी के बोल…मदन मोहन का संगीत…रफ़ी साहब की आवाज़…आप सब जानते हैं कि मुझे फिल्मी गीतों के मुखड़ों के ज़रिए कमेंट करने... Read more »

एंग्री यंग ब्लॉगर्स, इसे पढ़ो प्लीज़…खुशदीप

क्रोध वो अवस्था होती है जिसमें जीभ दिमाग़ से तेज़ काम करती है…आप अतीत तो नहीं बदल सकते लेकिन आने वाले कल की चिंता में घुलकर आप अपने आज के साथ अन्याय... Read more »

आओ, आपको जंगलमहल ले चलूं…

कल आप से वादा किया था आज आपको जंगलमहल का सच बताऊंगा…जंगलमहल नाम सुनकर ऐसी कोई तस्वीर ज़ेहन में मत बनाइए कि मैं आपको जंगल में स्थित किसी महल की सैर कराने... Read more »

आदिवासियों को जीने का हक़ थोड़े ही है…खुशदीप

कल मैंने एक सवाल पूछा था…आदिवासियों का नेता कौन…कोई साफ़ जवाब नहीं आया…ले दे कर एक नाम गिनाया गया शिबू सोरेन…तो जनाब शिबू सोरेन के नाम में ही सब कुछ छुपा है…क्या... Read more »

एक सवाल का जवाब दीजिए…खुशदीप

देश में भारी बहस छिड़ी है…आतंकवाद को पीछे छोड़ते हुए माओवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है…लेकिन हमारी सरकार तय ही नहीं कर पा रही है... Read more »