प्यार-प्यार का फ़र्क…खुशदीप

एक आदमी की प्रार्थना से ईश्वर प्रसन्न हो गए… बोले…वत्स अपनी कोई इच्छा हो तो बता… आदमी बोला…भगवन् मेरी इच्छा तो कोई नहीं लेकिन आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं… ईश्वर…पूछ बालक…... Read more »

कहां ले जाऊंगा मैं इतना प्यार…खुशदीप

क्या कहूं…क्या न कहूं…आप सबके प्यार ने निशब्द कर दिया है…इतनी बधाई मेरे सारे जन्मदिनों को मिलाकर नहीं मिली जितनी अकेले इस 18 जुलाई पर मिल गई… कल रात 18 जुलाई होने... Read more »

उम्र का बढ़ना भी एक त्यौहार हुआ…खुशदीप

आज आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी की एक कविता सुनाता हूं…क्यों सुना रहा हूं ये आज आपको पाबला जी की पोस्ट से शायद पता चल जाए…अटल जी जिस राजनीतिक धारा से जुड़े... Read more »

मनी फोल्डर का कूड़े के ट्रक में आशियाना…खुशदीप

कल जहां पोस्ट छोड़ी थी, आज वहीं से शुरू करता हूं…कल की पोस्ट में जापान की पेपर फोल्डि़ंग कला ओरिगेमी का ज़िक्र किया था… साथ ही वादा किया था कि मनी फोल्डर... Read more »

एक नोट से क्या-क्या कमाल…खुशदीप

आज एक ई-मेल मिला…उसमें जापान की एक बेहद खूबसूरत कला से परिचय कराया गया है…आप अपनी आंखों से देखेंगे तो खुद वाह कर उठेंगे…इस कला का नाम है ओरिगेमी…जापान की पेपर फोल्डिंग... Read more »

ब्लॉगिंग को देखा तो ये ख्याल आया…खुशदीप

ब्लॉगिंग को देखा तो ये ख्याल आया, जिंदगी धूप, ब्लॉगिंग घना साया, ब्लॉगिंग को देखा…. न कुछ लिखें, आज फिर दिल ने ये तमन्ना की है, आज फिर दिल को हमने समझाया,... Read more »

बच्चे हैं या बाप रे बाप…खुशदीप

स्पाइडरमैन… सारे घर के बदल डालूंगा...  चॉकलेट की बच्ची तू छिपी है कहां…                                                                    छलकाए जाम, आइए आपकी आंखों के नाम… प्रेम की धारा बहाते चलो… Read more »

ब्लॉगिंग की दुम…खुशदीप

कल अवधिया जी की पोस्ट पढ़ कर मज़ा आ गया…वाकई ब्लॉगर के मन की दशा को अवधिया जी ने हू-ब-हू लफ्ज़ों में उतार दिया…अपनी पोस्ट पर पल-पल टिप्पणियों की संख्या बढ़ती देखने... Read more »

मक्खन को ऑक्टोपस बना देता…खुशदीप

कल की पोस्ट में मैंने एक कहानी सुनाई थी…और आपसे गेस लगाने के लिए कहा था कि बताइए मक्खन को क्या इनाम मिला… सबसे पहले संगीता पुरी जी का सही जवाब मिला…... Read more »

गेस लगाइए, मक्खन को इनाम में क्या मिला…खुशदीप

मक्खन का गैराज ठप हो गया…खाने के भी वांदे हो गए…मरता क्या न करता…किसी ने सलाह दी शहर के सेठ उद्योगपति से मिलो…शायद कोई काम बन जाए…मक्खन पहुंच गया उद्योगपति के घर…अपना... Read more »