मक्खन का स्वाद ऐसा तो नहीं कि छोड़ा जा सके…लेकिन कभी-कभी टेस्ट बदलना भी ज़रूरी होता है…आज मिलवाता हूं मल्लू अंकल से…वहीं मल्लू अंकल जो केरल से नोट कमाने खाड़ी के देशों... Read more »
अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा को किसी ने बता दिया कि लीडरशिप का हुनर सीखना है तो भारत से बढ़िया जगह और कोई नहीं…और मक्खन का तो इस मामले में जवाब ही नहीं…मक्खन से... Read more »
कल सफ़र को जहां छोड़ा था, आज वहीं से आगे बढ़ाता हूं…चार-पांच महीने पहले सतीश सक्सेना जी से मेरी पहली मुलाकात अविनाश वाचस्पति जी के घर पर हुई…ऐसी ट्यूनिंग जमी कि बस... Read more »
ब्लॉगिंग का मेरा एक साल पूरा होने पर आप सब के साथ यादों का एक झरोखा…लेकिन सबसे पहले बात ‘ब्लॉगिंग के सरदार’ बी एस पाबला जी की…कल पाबला जी का ये कमेंट... Read more »
हम आज़ाद हैं…63 साल से हम यही तो कहते आ रहे हैं…लेकिन क्या हम मुकअम्मल आज़ाद हो पा्ए…क्या आज़ादी के दिन हम एक दूसरे को वाकई बधाई देने के हक़दार हैं…देश के... Read more »
ज़िंदगी खूबसूरत है… @शर्तें लागू…(conditions apply) (साभार…शोभना, जोधपुर) Read more »
महंगाई के दौर में एक रुपये में भरपेट बढ़िया खाना…सबक लें महंगाई के नाम पर संसद में हंगामा मचाने वाले नेता…सबक ले लाखों टन अनाज गोदामों में सड़ा देने वाली सरकार…लुधियाना का... Read more »
आज सुबह से तबीयत ढीली है…बुखार के साथ शरीर में हरारत है…इसलिए आज ज़्यादा लिखने की हिम्मत नहीं है…बस एक माइक्रोपोस्ट… मक्खन को अपने भाई टिल्लू का बरसों बाद पता चल गया…मक्खन... Read more »
क्रिएटिवटी कहीं भी मिल सकती है…लेकिन एडवरटाइज़िंग का तो पेशा ही क्रिएटिविटी का होता है…ये बेहतरीन कॉपीराइटिंग या विजुअल्स का ही नतीजा होता है कि हम किसी अनजान ब्रैंड को भी घर... Read more »
देश आजाद हुए 63 साल होने को आए…क्या कुछ बदला और क्या कुछ नहीं बदला… 9 अगस्त 1925 चलिए पहले ले चलता हूं आज से 85 साल पहले के काल में…देश के... Read more »