ब्लॉगिंग की भुट्टा-कथा…खुशदीप

एक किसान बड़ा मेहनती था…उसके उगाए भुट्टे बहुत ही बढ़िया क्वालिटी के मीठे दाने वाले होते थे… हर साल उसे कृषि मेले में भुट्टो की शानदार पैदावार के लिए किसानश्री का पुरस्कार... Read more »

पिता की खाली कुर्सी…खुशदीप

एक बेटी ने एक संत से आग्रह किया कि वो घर आकर उसके बीमार पिता से मिलें, प्रार्थना करें…बेटी ने ये भी बताया कि उसके बुजुर्ग पिता पलंग से उठ भी नहीं... Read more »

अपने पे भरोसा है तो…खुशदीप

वक्त इनसान पे ऐसा भी कभी आता है, राह में छोड़कर साया भी चला जाता है… कहते हैं कि अच्छे-बुरे, अपने-पराए की बढ़िया पहचान मुश्किल वक्त में ही होती है…कामयाबी के सौ... Read more »

एल्लो जी, फिर आ गया मैं…खुशदीप

लो जी आ गया फिर मैं…ब्लॉगिंग से दस दिन की फोर्स्ड लीव से…इन दस दिन में सिर्फ बाल नोचने के अलावा कर क्या सकता था…सेक्टर का टेलीफोन एक्सचेंज जल कर राख हो... Read more »

ये सेंस ऑफ ह्यूमर नहीं है…खुशदीप

ये तस्वीर इस साल 18 सितंबर की है…शबाना आज़मी का 60वां जन्मदिन था…उनके पति ने ये केक खास तौर पर बनवाया…जिस पर लिखा था शबाना नगर, गली नंबर 60.केक स्लम की शक्ल में था…जिस... Read more »

ये पढ़कर ब्लॉगर नाम पर शर्म आ रही है…खुशदीप

क्या हम इसी ब्लॉगिंग का हिस्सा है…आज इस पोस्ट को पढ़ कर शर्म से सिर झुक गया…किसी धर्म विशेष के लोगों का कार्टून के साथ मज़ाक बनाने की चेष्टा पोस्ट लेखक की... Read more »

समीर जी क्यों मेरे गुरुदेव हैं…खुशदीप

चाटुकारिता, प्रशंसा या दिल से किया गया सम्मान…ये सब हैं तो एक जैसे ही लेकिन इनमें फ़र्क ज़मीन-आसमान का है…फिर महीन लकीर कैसे खिंची जाए…कोई अपने फायदे के लिए चाटुकारिता कर रहा... Read more »

पत्नियों की बातें, पतियों की बातें…खुशदीप

ऑफिस में दो युवतियां बात कर रही थीं- पहली- कल मेरी शाम शानदार गुज़री…तुम अपनी बताओ… दूसरी- महाबकवास, मेरे पति ऑफिस से आए, तीन मिनट में डिनर निपटाया…अगले दो मिनट में खर्राटे... Read more »

ब्लॉगिंग का लोकतंत्र…खुशदीप

आज जोकर के पिटारे में बहुत कुछ है…थोड़ा विचार…थोड़ी खबर…थोड़ा गाना-बजाना, थोड़ा हंसना-हंसाना…यानि चांद पर मक्खन और ढक्कन ने कॉकटेल का पूरा इंतज़ाम कर लिया है… तो सबसे पहले थोड़ा विचार…देश की... Read more »

माफ़ कीजिए, मैं खुद को बदल नहीं सकता….खुशदीप

जैसे हो, तमाम उम्र वैसे ही बने रहना…बदलना नहीं…ये मेरे गुरुदेव समीर लाल समीर जी ने मुझसे एक बार कहा था…मैं चाहूं तो भी खुद को नहीं बदल सकता….आज दिन भर बड़ी... Read more »