कल मैं थोड़ा विचलित हुआ…लेकिन फिर संभला…मैं अहम नहीं हूं…मुद्दा अहम है…इसलिए सीधे मुद्दे पर ही आ रहा हूं…मुद्दा ये है कि हर इनसान को वृद्ध होना है…ज़माना जिस रफ्तार से आगे... Read more »
रूई का बोझ…कल तक बताई कहानी से आगे…दो बड़े बेटों के राजी न होने पर बूढ़े पिता को छोटे बेटे-बहू के साथ रहना पड़ता है…थोड़े दिन तो सब ठीक रहता है…लेकिन फिर…... Read more »
जीवनकाल को बांटने के लिए ब्रह्मचर्य, ग्रहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास के खांचों के बारे में आप सब जानते ही हैं…लेकिन ये अवस्थाएं संयुक्त परिवार के लिए बनी थी…आज के दौर में सभी... Read more »
आपसे वादा किया था कि आज सुरेश यादव जी का सुनाया प्रेरक प्रसंग आपसे शेयर करूंगा…लीजिए वही प्रसंग… सुरेश जी के मुताबिक ये जापान की लोककथा है… जापान के एक राज्य में... Read more »
तारीख- 19 दिसंबर 2010 जगह- दिल्ली के चाणक्यपुरी में छत्तीसगढ़ भवन वक्त- शाम छह बजे से नौ बजे रात छत्तीसगढ़ भवन नाम ही काफ़ी है…देश में सबसे बड़ा ब्लॉगगढ़ अगर कहीं है तो... Read more »
क्या मुर्गे को भी गुस्सा आता है…क्यों जनाब मुर्गे को गुस्सा नहीं आ सकता क्या…लीजिए फिर अपनी आंखों से ही देखिए… Read more »
पढ़ाई पूरी करने के बाद टॉपर छात्र बड़ी कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा…. छात्र ने पहला इंटरव्यू पास कर लिया…फाइनल इंटरव्यू डायरेक्टर को लेना था…डायरेक्टर को ही तय करना था... Read more »
कभी किसी गधे को ध्यान से देखिएगा…वाकई उसके जैसा भोला, शरीफ़ और दीनहीन आपको और कोई प्राणी नहीं दिखेगा…गधे पर पिछले साल 20 दिसंबर को एक पोस्ट लिखी थी…आज फिर किसी ने गधे... Read more »
पप्पू, मुन्नी, शीला के गानों ने हक़ीक़त में जितने पप्पू, मुन्नी, शीला है, बिना बात उनकी नाक में दम कर दिया…कई बार असल ज़िंदगी में भी कुछ लोग इतने बड़े खलनायक या... Read more »
मैं नहीं जानता कि हिंदी ब्लॉग पर पहले ये मुद्दा कभी उठा है या नहीं…लेकिन मुझे इसमें व्यापक विमर्श की संभावना दिख रही है…ये मुद्दा एक मंदिर में भगवान की मूर्ति को... Read more »