11 फरवरी 1977 को फ़खरूद्दीन अली अहमद के आकस्मिक निधन के बाद नीलम संजीवा रेड्डी जनता पार्टी के राज में राजनीतिक सर्वसहमति से देश के राष्ट्रपति बने। ऐसा पहली बार हुआ कि देश में... Read more »
दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन नेहरू की तरह राजनेता नहीं थे। नेहरू से उलट राधाकृष्णन धार्मिक प्रवृत्ति के थे। नेहरू राधाकृष्णन की काबलियत का सम्मान करते थे, लेकिन कई मौकों पर दोनों... Read more »
कल की कड़ी में आपने पढ़ा था कि किस तरह गणतंत्र के तौर पर भारत में सरकार चलाने की व्यवस्था का चुनाव किया गया था…आज की किस्त में पढ़िए पहले राष्ट्रपति डॉ... Read more »
ये सवाल वाकई मुझसे किसी ने पूछा था…उस सज्जन के लिए 26 जनवरी का महत्व शायद एक छुट्टी तक ही सीमित था…और त्योहारों की छुट्टी की तरह वो 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर... Read more »
एपीजे अब्दुल कलाम, सचिन तेंदुलकर, ए आर रहमान…इन तीनों में क्या समानता है…तीनों अपने-अपने फील्ड में बेजोड़…फिर भी तीनों डाउन टू अर्थ…हमेशा अच्छा परफॉर्म करने की ललक…विवादों से कोसों दूर… डॉ कलाम... Read more »
सिर्फ पैसा ही आपको अमीर नहीं बनाता… उम्र का बढ़ना भी आपको अमीर बनाता रहता है… अब आप कहेंगे, वो कैसे भला…उम्र के साथ तो डॉक्टर का खर्च बढ़ता जाता है…ये तो... Read more »
पोस्ट पढ़ने से पहले दो बातें… पहली वैधानिक चेतावनी…अल्कोहल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है… दूसरा मेडिकली टेस्टेड फॉर्मूला…हंसना स्वास्थ्य के लिए अति लाभदायक है… अब इन दोनों बातों को ध्यान... Read more »
कल की पोस्ट में जो ज़िक्र किया था, उस पर आने से पहले छोटा सा एक किस्सा…. एक अखबार ने जाने-माने नेता को चोर बता दिया… अखबार पर मानहानि का मुकदमा हो... Read more »
पहले इन दो सुर्खियों पर नज़र डाल लीजिए… सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सीधा सवाल किया है कि उसे विदेशी बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों के बारे में जानकारी देने में... Read more »
पप्पू का अगले दिन राजनीति शास्त्र का पेपर था…अपने पापा से बोला, मुझे राजनीति सिखाओ… अब पूरे साल पप्पू पढ़ा नहीं…पापा परेशान…ऐन टाइम पर इसे कैसे सिखाऊं…तब भी पापा ने कोशिश की…सोचा... Read more »