मिस्र के संदेश को भारत समेत दुनिया समझे…खुशदीप

ये पोस्ट जिस वक्त लिख रहा हूं, बीबीसी न्यूज़ से मिल रही ख़बरों के मुताबिक काहिरा की सड़कों पर ज़बरदस्त संघर्ष चल रहा है…मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के समर्थक बदलाव की... Read more »

आप क्या हैं- गाजर, अंडा या कॉफ़ी…खुशदीप

आज के प्रोफेशनल माहौल में काम करना, वो भी परफार्मेंस के साथ कोई आसान काम नहीं है…ऐसी ही एक लड़की काम के प्रैशर से तनाव में थी…छुट्टी में मां के पास घर... Read more »

समीर-सागर के मोती…खुशदीप

कल की पोस्ट से आगे… लता मंगेशकर का गायन… ए आर रहमान का संगीत… सचिन तेंदुलकर की बैटिंग… ये जब लय में बहते हैं तो सब कुछ इनके साथ बहता है…एफर्टलेस…ऐसा लगता... Read more »

समीर जी की किताब- इतना पहले कभी नहीं हंसा…खुशदीप

पिछली पोस्ट से आगे… समीर जी की उपन्यासिका देख लूँ, तो चलूँ पर कुछ लिखूं, इससे पहले ही बता दूं कि इस किताब में एक अंश पढ़कर इतना हंसा, इतना हंसा कि... Read more »

देख लूँ तो चलूँ…समीर जी को पढ़ने से पहले की तैयारी…खुशदीप

गुरुदेव समीर लाल समीर जी की हाल ही में विमोचित हुई उपन्यासिका…देख लूँ तो चलूँ… 21 जनवरी को मेरे लखनऊ जाने से पहले ही डाक के ज़रिए मुझे मिल गई थी…उपन्यासिका को... Read more »

श्री समीर-सलाह, डॉ दराल प्रेस्क्रिप्शन, अनवांटेड एडवाइज़…खुशदीप

कल की पोस्ट पर लखनऊ में सरदार बच्चे के सामने मिमियाते दो सांडों का ज़िक्र किया था..सभी ने इस पोस्ट को अपने अंदाज़ से लिया…लेकिन मेरे उस अनुरोध पर लखनऊ के किसी... Read more »

लखनऊ में चूहा बने दो सांड…खुशदीप

कल की पोस्ट के वादे के मुताबिक आपको दो सांडों के चूहा बनने का आंखों देखा हाल सुनाऊंगा…लेकिन पहले महागुरुदेव अनूप शुक्ल की पोस्ट से बिना अनुमति लेकिन साभार लिया हुआ एक... Read more »

ब्लॉगरों की शाम-ए-अवध, महफूज़ की गोली…खुशदीप

मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं… या लखनऊ हम पर फिदा, हम फिदा-ए-लखनऊ, किसमें है दम इतना, कि हम से छुड़वाए लखनऊ… वाकई लखनऊ की बातें लखनऊ वाले ही जानते हैं…इस शनिवार... Read more »

26 जनवरी विशेष…गणतंत्र का ये कैसा उत्सव…खुशदीप

पिछले पांच दिनों में गणतंत्र के सफ़र के कुछ पहलुओं को आप तक पहुंचाने की कोशिश की…इस तरह की पोस्ट पर तात्कालिक सफ़लता बेशक न मिले लेकिन इनका महत्व कालजयी रहता है…नेट... Read more »

26 जनवरी विशेष…मंडल-कमंडल के दौर में राष्ट्रपति…खुशदीप

1987 से 1997 के दौर में ही देश ने मंडल-कमंडल की राजनीति को पूरे उफ़ान पर देखा.. 16 जुलाई 1987 को पूर्व वित्त मंत्री आर वेंकटरमन देश के अगले राष्ट्रपति बने। वेंकटरमन के कार्यकाल... Read more »