वंदना जी, ये रही मेरी समझदारी…खुशदीप

कल की मेरी पोस्ट पर वंदना अवस्थी दुबे जी का कमेंट मिला-खुशदीप जी, आपकी मेल आईडी बहुत खोजी, नहीं मिली (बहुत मन था आपकी बेवकूफ़ियां पढ़ने और पढ़वाने का)… वंदना अवस्थी दुबे... Read more »

93 साल पहले खींची गई बेजोड़ फोटो…खुशदीप

ई-मेल से एक फोटो मुझे मिली…देखी तो मैं हैरान रह गया…ई-मेल में दी गई जानकारी के मुताबिक ये फोटो 1918 में खींची गई थी…इस अद्भुत फोटो को हाल ही में किसी ने... Read more »

मां के दूध का भी धंधा…खुशदीप

शुक्रवार पत्रिका के संपादकीय में एक अनोखी जानकारी पढ़ने को मिली…नेट पर रिसर्च की तो इस बारे में और भी बहुत कुछ जानने को मिला…लंदन के कोवेंट गार्डन रेस्तरां (आइसक्रीमिस्ट शॉप) में... Read more »

ब्लॉगरों का सबसे बड़ा पोल खोल…खुशदीप

डेली ब्लॉग टाइम्स ने जान पर खेल कर बिलीचीक्स से हिंदी ब्लॉगरों के सीक्रेट हासिल किए हैं…ब्लॉग केबल नंबर 420-420 के तहत हासिल किए गए इन केबल्स से ब्लॉगवुड के ऐसे ऐसे... Read more »

समीर जी बने रियल दादा…खुशदीप

अभी-अभी समीर जी का ये ई-मेल पढ़कर होली की खुशी दुगनी हो गई… Shri Shri Thakur Radha Swamy Anukoolji maharaj Sada Sahai!! Dear All, It is our great pleasure to announce that... Read more »

जिम, रोडीज़ और विद्याभूषण…खुशदीप

    हमारे देश में और कुछ हो न हो, फिल्म-टीवी का ग्लैमर युवा पीढ़ी के सिर पर चढ़ कर खूब बोलता है…जिस पर ये नशा चढ़ता है वो खुद को हमेशा... Read more »

समीर जी की कूउउउउउउ, इरफ़ान के कार्टून, बोलो सारा..रा…खुशदीप

होली को तीन दिन बचे है…अब तक ब्लॉग जगत पर भी होली का खुमार तारी होने लगा होगा…मैंने तो रंगों की फ्लर्टी फुहार कल ही अपनी पोस्ट पर शुरू कर दी थी…आज... Read more »

ZEAL लो सुनो,पुरुष बड़े कोमल-मना होते हैं…खुशदीप

कल ZEAL (डॉ दिव्या) ने पोस्ट लिखी, पुरुष फ्लर्ट होते हैं–बुरा ना मानो होली है…मैंने इस पोस्ट पर टिप्पणी लिखी थी कि पुरुष इस मामले में बड़े कोमल हृदयी और महिलाएं बड़ी... Read more »

झा जी को सिंगल, शाहनवाज़ को डबल बधाई…खुशदीप

कल मुझे अपने साथ-साथ अजय कुमार झा और शाहनवाज़ सिद्दीकी के तेहरान रेडियो की हिंदी सर्विस को दिए इंटरव्यू भी आपको सुनाने थे…लेकिन फिर सबकी बातें सुनने में ज़्यादा वक्त लगता…इसलिए मैंने... Read more »

रेडियो तेहरान पर मेरा इंटरव्यू…खुशदीप

रेडियो तेहरान की हिंदी सेवा ने सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से एक बेहतरीन श्रंखला चलाई…इसी के तहत मेरा इंटरव्यू भी लिया…इसमें मैंने यह बताने की कोशिश की-सांप्रदायिकता हो या दूसरे कोई फसाद, उनकी  मार सबसे ज्यादा गरीब तबको को ही सहनी पड़ती है, यह... Read more »