अहिंसा बनाम हिंसा की बहस…खुशदीप

बीता कल यानि इतिहास…. सम्राट अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 8वें वर्ष  में कलिंग पर आक्रमण किया था…तेरहवें शिलालेख के अनुसार कलिंग युद्ध में एक लाख पचास हजार व्यक्‍ति बन्दी बनाकर निर्वासित... Read more »

वाय दिस कोलावरी, कोलावरी, कोलावरी डी….खुशदीप

आप कहेंगे ये कोलावरी क्या बला है…तमिलनाडु से निकला ये गाना दस दिन में ही इंटरनेट पर नेशनल क्रेज़ बन गया है…कुछ बताने से पहले इस का मतलब बता दूं…कोलावरी यानि ख़ूनी... Read more »

हिंसा से ‘हीरो’ बनना कितना आसान…खुशदीप

ज़माना वाकई बदल गया है…जेट एज है…पब्लिक में ‘हीरो’ बनना भी इंस्टेंट कॉफी की तरह हो गया है…अब बैलगाड़ी का युग थोड़े ही है कि लोगों के दिलों पर छाप छोड़ने के... Read more »

अरबों के जिन्ना हाउस का मालिक कौन…खुशदीप

पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के मुंबई में आवास रहे जिन्ना हाउस पर मालिकाना हक किसका है, ये तय करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में 12 दिसंबर से सुनवाई शुरू हो सकती... Read more »

क्या समीर जी की पोस्ट से नाराज हैं अन्ना…खुशदीप

अन्ना हज़ारे के मल्टीटास्किंग स्किल्स के बारे में गुरुदेव समीर लाल जी ने हाल में एक पोस्ट लिखी थी…यानि अन्ना के पास हर मर्ज़ की दवा है…लगता है अन्ना ने समीर जी... Read more »

“सरगट” और “नागपाश में स्त्री”…खुशदीप

वरिष्ठ पत्रकार, कथाकार, स्त्री विमर्श के लिए प्रतिबद्ध लेखिका व आउटलुक, हिन्दी की सहायक संपादिका गीताश्री को उनकी सम्पादित पुस्तक ‘नागपाश में स्त्री’ के लिए वर्ष 2011 का सृजनगाथा सम्मान दिए जाने... Read more »

मेज़बान सतीश सक्सेना, मेहमान राहुल सिंह-“वसुंधरा राजे”…खुशदीप

राहुल सिंह जी पिछली पोस्ट में दिल्ली के इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में एंट्री का ज़िक्र किया था…ट्रे़ड फेयर से घर लौटा तो लैटर-बॉक्स में छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग का वही निमंत्रण-पत्र दिखाई... Read more »

ब्लॉगिंग से ट्रेड फेयर में एंट्री…खुशदीप

दिल्ली में 31 वां अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला आज से आम जनता के लिए खुल गया है…खास लोग पहले पांच दिन में ही आराम से ये मेला देख चुके हैं…अब एक हफ्ते यानि... Read more »

”दफ़नाने” पर भी “जलाना”…खुशदीप

किसी शायर ने क्या ख़ूब कहा… ……………………………………………………………………………………. …………………………………………………………………………………….. ……………………………………………………………………………………. ……………………………………………………………………………………. ……………………………………………………………………………………. ……………………………………………………………………………………. वो आती है रोज़, मेरी क़ब्र पर, अपने हमसफ़र के साथ… कौन कमबख्त कहता है कि, “दफ़नाने” के बाद “जलाया”... Read more »

मुद्दा बड़ा लेकिन सीज़र की पत्नी पर संदेह!

मुद्दा बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं…सही बात है…भ्रष्टाचार का मुद्दा बड़ा है…देश के हर नागरिक से सीधे तौर पर जुड़ा है…देश में कौन ऐसा शख्स होगा जो ये नहीं कहेगा कि भ्रष्टाचार... Read more »