ज़िंदगी है क्या…खुशदीप

उम्र के साथ ज़िंदगी के मायने भी बदलते हैं…बचपन में सबसे प्यारे खिलौने में ज़िंदगी हो सकती है…थोड़ा बड़ा होने पर पढ़ाई ज़िंदगी बन जाती है…फिर करियर…प्रेमिका, पत्नी, बच्चे….पैसा, प्रॉपर्टी…इसी भागदौड़ में... Read more »

अच्छा है! सुनील दत्त आज ज़िंदा नहीं हैं..खुशदीप

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट, 257 लोगों की मौत, 700 घायल… साज़िश के सूत्रधार दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन इंटरपोल की मदद लेने के बावजूद आज तक भारत के हाथ नहीं लग सके…... Read more »

हमीं से मुहब्बत, हमीं से लड़ाई…खुशदीप

हमीं से मुहब्बत, हमीं से लड़ाई, अरे मार डाला, दुहाई-दुहाई… करुणानिधि ने यूपीए से नौ साल के हनीमून के बाद नाता तोड़ लिया…करुणानिधि ने वही श्रीलंकाई तमिल कार्ड खेलने की मंशा से... Read more »

मेरठ का हूं, औकात पर आ गया तो…खुशदीप

मेरठ का हूं, औकात पर आ गया तो कुकड़गांव बना दूंगा... जॉली एलएलबी फिल्म में ये डॉयलॉग सुना तो अपने शहर मेरठ का मिजाज़ बड़ी शिद्दत के साथ याद आ गया…दिखने में... Read more »

वहां कौन है तेरा?…खुशदीप

वहां कौन है तेरा, मुसाफ़िर जाएगा कहां,  दम ले ले घड़ी भर, ये छईयां पाएगा कहां, वहां कौन है तेरा…. आपा-धापी की इस ज़िंदगी में सचिन दा का ये गीत सुनने से... Read more »

पाकिस्तान! कौन सा पाकिस्तान?…खुशदीप

पाकिस्तान पड़ोसी मुल्क़ है…ये भी सोलह आने सच है कि मर्ज़ी से कभी पड़ोसी बदले नहीं जा सकते…फिर पाकिस्तान जैसे मर्ज़ की दवा क्या है…जवाब जानना चाहते हैं तो पोस्ट के आख़िर... Read more »

बजट समझ नहीं आता, ये किस्सा पढ़िए…खुशदीप

भारत का बजट समझने का आपको रामबाण नुस्खा बताऊं, उससे पहले बजट की परिभाषा… बजट होता क्या है… बजट हर साल का वो अनुष्ठान है, जिसे वित्त मंत्री संपन्न करते हैं…प्रधानमंत्री समेत... Read more »

इसे पढ़िए, गले में कुछ फंसा लगेगा…खुशदीप

“ये ऑटो वालों की कौम ही ऐसी है…बेईमानी इऩकी रग़-रग़ में बसी है…मीटर से कभी चलते नहीं…न ही थोड़ी दूरी के लिए जाने को राजी होते है…दिल्ली के रास्तों से अनजान लोगों... Read more »

वो लड़खड़ाए तो देश भी खड़ा नहीं रह पाएगा…खुशदीप

हम मेहनतक़श इस दुनिया से, जब अपना हिस्सा मांगेंगे, एक खेत नहीं, एक बाग़ नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे… मज़दूर फिल्म का ये गाना 20 और 21 फरवरी को बहुत याद आया…इन्हीं... Read more »

ब्लास्ट के बाद हमेशा के अनुष्ठान…खुशदीप

हैदराबाद में गुरुवार शाम को जो हुआ, उसी रक्तरंजित घटनाक्रम से पूरी तरह पटे हुए अख़बार अब तक आपके हाथों में आ चुके होंगे…ट्विन ब्लास्ट के बाद से ही कुछ चिरपरिचित शब्दों... Read more »