आज से ‘आज़ादी की दूसरी लड़ाई’…खुशदीप

अन्ना हज़ारे दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज सुबह दस बजे से आमरण अनशन पर बैठकर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ निर्णायक लड़ाई शुरू करने वाले हैं…73 साल के अन्ना ने इस मुहिम को ‘आज़ादी... Read more »

आधी दुनिया…देश एक, चेहरे दो…खुशदीप

कहा जाता है भारत में एक देश में दो देश हैं…आम आदमी और गरीबों के लिए भारत…सुपर रिच और पावरफुल लोगों के लिए इंडिया…लेकिन पिछले एक हफ्ते में देश की आधी दुनिया... Read more »

चल गया टोटका…सभी भारतीयों को विश्व विजेता बनने की बधाई…खुशदीप

मैंने सचिन के आउट होते ही भारत की जीत के टोटके के लिए ये पोस्ट लिख दी थी…अब मैच जीतने पर सभी भारतीयों को विश्व विजेता बनने की बधाई…बस इस पोस्ट का... Read more »

Sachin Tendulkar…कहां रे हिमालय ऐसा…खुशदीप

28 साल बाद भारत का वर्ल्ड कप…सचिन का महा-शतक (शतकों का शतक)…आज रात तक साफ़ हो जाएगा कि धोनी की सेना कपिल के जांबाज़ों का 1983 का चमत्कार दोहरा सकती हैं या... Read more »

आज मक्खनों का दिन…खुशदीप

आज पहली अप्रैल है…औरों को टोपी पहनाने का दिन…लेकिन जिसने भी इसे बनाया वो वाकई कमाल का बंदा होगा…कम से कम एक दिन तो दुनिया भर के मक्खनों के नाम कर दिया…तो... Read more »

हटो, हटो, ए श्रीलंका वालों, वर्ल्ड कप हमारा है…खुशदीप

कल मोटेरा, आज मोहाली और कल मुंबई की बारी है…दिल से चाहता था मोहाली में भारत जीते, भारत जीता…दिल से चाहता था खेल भावना जीते, खेल भावना जीती…अपने करियर का सबसे अहम... Read more »

मोहाली जंग नहीं मौका है, मेरा राम तो तेरा मौला है…खुशदीप

मेरा राम तो तेरा मौला है, एइयो ते बस इक रौला है… वाकई हर तरफ मोहाली का ही रौला (शोर) है…मैं दिल से चाहता हूं कि मोहाली में आज भारत की जय... Read more »

कितना बदल गया इनसान…खुशदीप

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान, कितना बदल गया इनसान, कितना बदल गया इनसान…  दशकों पहले कवि प्रदीप का लिखा ये गीत आज के माहौल में भी कितना फिट... Read more »

आज तक नहीं कहा, आज कहता हूं इसे ज़रूर पढ़ें…खुशदीप

वक्त आने पे बता देंगे तुझे ऐ आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है…. सरफ़रोशी की तमन्ना वाली भगत सिंह के दौर की ये पंक्तियां शिद्दत के साथ... Read more »

न बोसॉन न फर्मिऑन, हम बस छिछोरिऑन…खुशदीप

आज प्रवीण पांडेय ने बड़ी शानदार पोस्ट लिखी…बोसॉन या फर्मिऑन…भौतिकी जैसे जटिल और गूढ़ विषय को भी आधार बना कर मानव व्यवहार की रोचक व्याख्या प्रवीण की अद्भुत लेखनी का कमाल है…... Read more »