ब्लॉगिंग को देखा तो ये ख्याल आया,
जिंदगी धूप, ब्लॉगिंग घना साया,
ब्लॉगिंग को देखा….
न कुछ लिखें, आज फिर दिल ने ये तमन्ना की है,
आज फिर दिल को हमने समझाया,
जिंदगी धूप, ब्लॉगिंग घना साया…
ब्लॉगवाणी चली गई तो सोचा,
हमने क्या खोया, हमने क्या पाया,
जिंदगी धूप, ब्लॉगिंग घना साया…
हम जिससे दामन चुरा नहीं सकते,
वक्त ने हमको नेट से क्यों मिलाया,
जिंदगी धूप, ब्लॉगिंग घना साया…
ब्लॉगिंग को देखा तो ये ख्याल आया….
चलते चलते जगजीत सिंह साहब और चित्रा जी का ओरिजनल गीत भी सुन लीजिए…
Related posts:
सुधीर चौधरी, ज़ी मीडिया पर 100 करोड़ के मानहानि केस में धोनी को बड़ी राहत
शैतान प्रेमी के साथ मिल पत्नी हो गई हैवान, पति की ली जान, फिर हिमाचल में जश्न
कौन हैं पीएम मोदी की मुरीद रुचि गुज्जर?
मनोज कुमार के बीजेपी से जुड़ाव का सच! धर्म पर क्या थी 'भारत' की राय?
बुढ़ापा हुआ पुराना, अब खुद की क्लासिक या डरावनी पेंटिंग देखें
Latest posts by Khushdeep Sehgal (see all)
- वीडियो: अमेरिका में सड़क पर गतका कर रहा था सिख, पुलिस ने गोली मारी, मौत - August 30, 2025
- बिग डिबेट वीडियो: नीतीश का गेम ओवर? - August 30, 2025
- आख़िर नीतीश को हुआ क्या है? - August 29, 2025
