ये है आज़ादी के बाद देश में विकास का सबसे अच्छा हुआ काम…खुशदीप

  दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की वेबसाइट से साभार ‘देशनामा’ पर आज़ादी पर विमर्श की यह तीसरी और आख़िरी कड़ी है. पहली कड़ी में आपने आज़ादी के मायने पर अलग-अलग राय... Read more »

देश में एक चीज़ बदलने को कहा जाए तो आप क्या बदलेंगे…खुशदीप

  स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश करने पर देश के हर नागरिक को बधाई. लोकतंत्र का ये महापर्व वैसे ही पारम्परिक तरीके से मनाया गया जैसा कि आज़ादी के बाद से... Read more »

आज़ादी एक लेकिन हर एक के लिए मायने अलग…खुशदीप

  15 अगस्त 2021 को आज हमारे प्यारे देश भारत और हम इसके नागरिकों ने आज़ादी के 75वें वर्ष में प्रवेश किया है. इस दिन का मतलब तिरंगा फहरा कर, देशभक्ति के गीत... Read more »

मेजर ध्यानचंद ने कैसे मीडिया में मेरा बेस बनाया…खुशदीप

मीडिया में भविष्य देख रहे युवाओं के साथ मैं आज अपना ढाई दशक से भी पुराना एक अनुभव शेयर करना चाहता हूं. उन दिनों मुझे प्रिंट पत्रकारिता से जुड़े एक डेढ़ साल... Read more »

मेजर ध्यानचंद को 29 अगस्त को क्या मिलेगा ‘भारत रत्न’?…खुशदीप

  मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर देश के एकमात्र खिलाड़ी हुए हैं जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक अलंकरण भारत रत्न से नवाज़ा गया है. अभी तक 48 विभूतियों को भारत रत्न मिल चुका... Read more »

हॉकी स्टिक अब कार में नहीं मैदानों में होनी चाहिए…खुशदीप

  क्रिकेट के वर्ल्डकप 1983 और 2011 की हर कोई बात करता है. 2007 टी-20 वर्ल्ड कप का ज़िक्र होता है. लेकिन भारत ने एक वर्ल्डकप 1975 में भी जीता था. तब... Read more »

75वें वर्ष में आपके लिए आज़ादी के मायने क्या…खुशदीप

  15 अगस्त को हम आज़ादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं? ऐसे में आप सबसे, ख़ास तौर पर युवाओं से मेरे तीन सवाल हैं? 1. आपके लिए आज़ादी... Read more »

कैसे जीते हैं भला, हमसे सीखो ये अदा…खुशदीप

कैसे जीते हैं भला हम से सीखो ये अदा ऐसे क्यूँ ज़िंदा हैं लोग जैसे शर्मिंदा हैं लोग दिल पे सहकर सितम के तीर भी पहनकर पाँव में ज़ंजीर भी रक्स किया... Read more »

मीडिया जॉब के लिए कैसे होता है टेस्ट …खुशदीप

  हर आदमी का कोई न कोई पैशन (जूनुन) होता है. प्रफेशन बेशक उसका दूसरा हो लेकिन ये पैशन उससे ताउम्र अलग नहीं हो पाता. इसलिए अगर किसी का पैशन ही उसका... Read more »

यार वैभव!! तूने मुझे रूला दिया…खुशदीप

वैभव शर्मा को मैं पिछले छह साल से जानता हूं. करीब एक साल मैंने इसके साथ एक मीडिया संस्थान में काम किया. पिछले पांच साल ये अलग संस्थानों में रहा. कभी कभार... Read more »